HomeBlogसुरेंद्र कात्यान की कविता – मैं सुरेंद्र कात्यान की कविता – मैं 4 October 2026Pratibimb Media कविता ‘मैं’ सुरेंद्र कात्यान मैं सो रहा हूँ या जाग रहा हूँ निन्द्रा में भी – हाय मैं कितना अभागा हूँ यहाँ तो सब मेरे – मन का था। फिर भी न हो सका पूरा आज भी मैं आधा हूँ। Post Views: 10 Like 0 0 Comments
ओम सिंह अशफ़ाक की कविता- डिज़िटल रोटी कविता डिज़िटल रोटी ओम सिंह अशफ़ाक कवि चाहता है निस्तेज़ आंखों में चमक लौट आए चेहरे पर हताशा- निराशा की…
मानचित्र का निशान मानचित्र का निशान जयंत सेनगुप्ता आज सार्वजनिक चर्चाओं में एक अजीब-सी आत्मिक बीमारी देखने को मिलती है, जब कोई नाम…
मीनाक्षी नटराजन केस के पेंच राहुल राजनीति मीनाक्षी नटराजन केस के पेंच राहुल गांधी को विफल बनाने की राजनीति के पीछे एक अदृश्य गठबंधन है मीनाक्षी…