रणबीर सिंह दहिया की रागनी
घड़ा भर लिया पाप का एक दिन फूटैगा जरूर।
मेहनतकश पड़ कै सोग्या कदे तो उठैगा जरूर।।
1. पगडंडी की राज भवन तै आज खुलकै तकरार ठनी
गरीब की गर्दन के उफपर आज नंगी तलवार तनी
अमीरी जालिम हर बार बनी एक दिन टूटैगा गरूर।।
2.
महलां मैं रहै उजाला म्हारे घर मैं काली रात रहै
जनता भोली सड़कां उपर गुण्डागर्दी की लात सहै
जो नहीं साची बात कहै कदे धूल चाटैगा जरूर।।
3. बिके लिखारी गुण गावैं गलत नै सही ठहरावैं
दस नब्बै का असली खेल ये साची बात बतावैं
जोंक खून नै पी ज्यावैं कदे पैंडा छूटैगा जरूर।।
4. अनपढ़ता बेकारी और गरीबी तीनों ही मां जाई ये
अनपढ़ता कै दे ले घेरा ना मुश्किल फेर लड़ाई ये
रोड़ा अटकावैंगे कसाई वे यो डूंडा पाटैगा जरूर।।
2***
इंसान ही सब कुछ
आग पहिये की खोज करी किसनै मनै कोए बतादयो रै।
खेती और बैल कद आये जग मैं पूरी बात सुनादयो रै।
सृष्टि कैसे बनी इसका यो पूरा इतिहास बतावैं देखो
एक सैल जीव बने फेर ये कई सैल जीव दिखावैं देखो
रीढ़कारी आये जमाने मैं बांदर कैसे आया सुनावैं देखो
बांदर तैं इंसान बण्या सै वैज्ञानिक पाठ पढ़ावै देखो
इंसान नै ये खोज करी सैं कोए और होतै सुझादयो रै।
आज तलाक जो भी हुया वो करया खुद इंसान नै सारा
फेसबुक गूगल बना दिए अजब रच दिया नजारा
मन्दिर मस्जिद बनाये किसनै सोचना फर्ज यो म्हारा
समाज धर्मों का निर्माता जान्या बारां और छह ठारा
भगवान गॉड मंदिर चर्च मैं बिठाये किसनै समझादयो रै।
जो भी करया इंसान नै करया फेर भी पुजते भगवान
और कोए प्राणी नहीं मान्या भगवान यो मान्या इंसान
जित इंसान नहीं पहोंच्या ना मन्दिर उड़ै सै बियाबान
न्यारे न्यारे देवता बनाये देखो इंसान नै लगा उनमान
मानो तो भगवान ना तो पाथर खोल कै भेद दिखादयो रै।
इसे करकै आये दुनिया मैं न्यारे न्यारे पूजा विधान देखो
कितै अल्लाह कितै चर्च कितै कई तरां के भगवान देखो
मन्दिर मस्जिद मैं रेप होज्यां नहीं सुरक्षित इंसान देखो
बिना पढ़े ना पास कराया एक भी बच्चा नादान देखो
रणबीर जो नहीं मानै उसनै हुया के नुक़सान गिनादयो रै
3***
म्हारी कुर्बानी
म्हारी कुर्बानी हरियाणा मैं एक दिन रंग लयावैगी।
झूठ की हाण्डी फूटैगी साच खूब्बै सम्मान पावैगी।।
1
किसान आन्दोलन बढ़ैगा या धरती भीड़ी होज्यागी
किसान के बेटे पुलिस मैं उनकी आत्मा रोज्यागी
सरकार खोखली होज्यागी जमा मूँह की खावैगी।।
झूठ की हाण्डी फूटैगी साच खूब्बै सम्मान पावैगी।।
2
बन्द एम आई टी सी कई औरों का नम्बर आया सै
पीस्से कोन्या तनखा के कदम ज्यां करड़ा ठाया सै
हरियाणा दां पै लाया सै या वारी समझ मैं आवैगी।।
झूठ की हाण्डी फूटैगी साच खूब्बै सम्मान पावैगी।।
3
हमने सोचना बन्द करया या गलती करदी भारी
इस अेहदी पन के कारण गई म्हारी खाल उतारी
विचार की ताकत न्यारी या म्हारी चेतना जगावैगी।।
झूठ की हाण्डी फूटैगी साच खूब्बै सम्मान पावैगी।।
4
बढ़िया इन्सान किसा हो सै इसपै विचार करांगे रै
सुन्दर समाज का सपना इसमें पूरे रंग भरांगे रै
आपस में नहीं लड़ांगे रै बात रणबीर की भावैगी।।
झूठ की हाण्डी फूटैगी साच खूब्बै सम्मान पावैगी।।
