रणबीर सिंह दहिया की रागनी- चांदकौर चन्दा और शशि
चांदकौर चन्दा और शशि
चाँद कौर नाम था उसका प्यार मैं चन्नी कहया करते ।।
जिसा नाम उसा चेहरा लाहौर शहर मैं रहया करते ।।
1
देश भारत के बंटवारे पै घर परिवार तैं बिछुड़ गई
भाज कै वे आगै चले गए चांदकौर थी पिछड़ गई
घर बार के बिना हालत दिनों दिन थी बिगड़ गई
सोच फिकर मैं चांदकौर लाहौर तैं बाहर लिकड़ गई
सुलेमान मिल्या वो बोल्या मिलकै दुःख सहया करते।
चाँद कौर नाम था उसका प्यार मैं चन्नी कहया करते ।।
2
मरे गेल्याँ मरया नहीं जाता चांदकौर को समझाया था
बोल्या हालात किसके बसमैं मदद मैं हाथ बढ़ाया था
जिसा सीधा साधा माणस उसा सीधा राह दिखाया था
जो मजहब आदमी का हो वोह औरत का बताया था
सुलेमान की बीबी बणगी डरगे वे जो लहया करते।।
चाँद कौर नाम था उसका प्यार मैं चन्नी कहया करते ।।
3
शांति हुई जब थोड़ी सी ढूँढने शुरू करे यारे प्यारे
चन्दा के गाम का सूरज मिल्या एक दिन गुरु द्वारे
हजूरा सिंह पति जीवै थारा कैम्प मैं ठहरे बिचारे
पहला प्यार नहीं भूली थी बोली चलूँ मैं गेल्याँ थारे
बोल्या सुलेमान सुनी बातां मैं चन्दा नहीं बहया करते।।
चाँद कौर नाम था उसका प्यार मैं चन्नी कहया करते ।।
4
सूरजभान के साथ होली चाळकै दिल्ली मैं आये फेर
सूरजभान नै आकै सच के पत्ते खोल दिखाए फेर
चन्दा का पति अपनी पत्नी उसनै मरे बताये फेर
चन्दा नै छोह बहोत आया भीतरै आंसू सुखाये फेर
रणबीर लिलो चमनां के सपने न्योएं ढहया करते।
चाँद कौर नाम था उसका प्यार मैं चन्नी कहया करते ।
