तेहरान के होर्डिंगों में छिपे युद्ध के संदेश, पांच बिलबोर्ड से समझें ईरान का प्रचार अभियान
हमीदेह खलेघी मोहम्मदी और अली अब्बासी
फरवरी के अंत में ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल युद्ध शुरू होने के बाद से तेहरान में लगे विशाल होर्डिंगों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर लगातार दिखाई दे रही हैं। शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख इलाकों में लगाए गए इन होर्डिंगों को मौजूदा घटनाक्रम के अनुरूप लगातार बदला और अद्यतन किया जा रहा है।
ईरान लंबे समय से सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश देने के माध्यम के रूप में करता रहा है। वर्ष 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से और विशेष रूप से ईरान-इराक युद्ध के दौरान शासन ने क्रांतिकारी प्रतीकों, युद्ध स्मारकों और वैचारिक संदेशों को प्रदर्शित करने के लिए भित्तिचित्रों और होर्डिंगों का व्यापक इस्तेमाल किया।
आज ये होर्डिंग केवल स्थानीय लोगों के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक डिजिटल प्रसार को ध्यान में रखकर भी तैयार किए जाते हैं। प्रभावशाली चित्रों, नारों और प्रतीकात्मक प्रस्तुतियों से लैस ये होर्डिंग दोहरी भूमिका निभाते हैं:
– संकट के समय सामूहिक पहचान, राष्ट्रीय एकता और साझा भावनाओं की भावना को मजबूत करना।
– राज्य के प्रचार-प्रसार के एक साधन के रूप में काम करना। इनमें कई बार फारसी के साथ हिब्रू और अंग्रेजी भाषा का भी इस्तेमाल किया जाता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि ये होर्डिंग राज्य की व्यापक दृश्य-संचार रणनीति का हिस्सा हैं। इन्हें इस तरह तैयार किया जाता है कि लोग उनकी तस्वीरें लें, उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करें और इस माध्यम से वैश्विक दर्शकों के सामने शक्ति और प्रतिरोध का संदेश पहुंचाया जा सके, भले ही देश में लंबे समय से इंटरनेट बंदी जैसी स्थिति क्यों न रही हो।
तो आखिर इन होर्डिंगों पर क्या लिखा है और इनमें इस्तेमाल प्रतीकों का गहरा अर्थ क्या है? आइए तेहरान के पांच प्रमुख उदाहरणों को समझते हैं।
एक-एप्स्टीन मिसाइल
हाल के महीनों में व्यापक रूप से चर्चित एक होर्डिंग में ईरानी मिसाइलों को हाथ से लिखे संदेशों और प्रतीकात्मक वाक्यांशों से कवर दिखाया गया था।
इनमें सबसे प्रमुख संदेशों में एक था-‘‘मिनाब की लड़कियों के नाम’’। यह वाक्य मोटे लाल फारसी अक्षरों में लिखा गया था। यह युद्ध के शुरुआती दिनों में एक बालिका विद्यालय पर हुए हमले का संदर्भ है, जिसमें ईरानी अधिकारियों के अनुसार 175 छात्राओं और शिक्षिकाओं की मौत हुई थी।
इसके ठीक नीचे अंग्रेजी में ‘‘एप्स्टीन आइलैंड विक्टिम गर्ल्स’’ लिखा गया था। यह दोषी करार दिए जा चुके यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन के स्वामित्व वाले द्वीप का संदर्भ है।
एक अन्य मिसाइल पर ‘‘द गर्ल विद द पिंक जैकेट’’ लिखा गया था। यह 2024 के एक आतंकवादी हमले में मारी गई एक ईरानी बच्ची की भावनात्मक याद दिलाता है, जिसकी पहचान उसकी गुलाबी जैकेट और दिल के आकार की बालियों से हुई थी।
इसका उद्देश्य इन अलग-अलग घटनाओं को एक ऐसी कहानी के जरिए जोड़ना है, जिसमें हिंसा, शोषण और राजनीतिक ताकत के कारण प्रभावित हुई युवा लड़कियों को केंद्र में रखा गया है। इस चित्रण में मिसाइलों को केवल विनाश के हथियार के रूप में नहीं, बल्कि शोक, प्रतिशोध, स्मृति और रक्षा के प्रतीक के रूप में पेश किया गया है।
दो-‘मास्टर्स ऑफ वॉर’
वर्ष 2024 में चर्चा में आए एक अन्य होर्डिंग पर फारसी में लिखा था-‘‘अगर तुम युद्ध चाहते हो, तो हम युद्ध के उस्ताद हैं’’। द कन्वर्सेसन से साभार
लेखक सिडनी विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं।
