Blogगीत ग़ज़लसभा / संगठन/ सोसायटी

बलबीर राठी की गजलों में सादगी और रवानगी का गजब तालमेल हैः ओमप्रकाश करुणेश

बलबीर राठी की गजलों में सादगी और रवानगी का गजब तालमेल हैः ओमप्रकाश करुणेश जींद में पूर्व प्राचार्य व गजलकार…

Blogआलोचना/ लेखसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

वर्तमान परिस्थितियों में साहित्यकार की भूमिका

साहित्य आलोचना के सरोकार वर्तमान परिस्थितियों में साहित्यकार की भूमिका ओमसिंह अशफ़ाक भूमिका का प्रश्न एक तरह से शाश्वत है,ये…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

मंजुल भारद्वाज की कविता – ना जाने वो…

कविता ना जाने वो …  मंजुल भारद्वाज ना जाने वो कौन सी मिट्टी होती है जिसमें ज़िंदा क़ौम लहलहाती है…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

राजकुमार कुम्भज की तीन कविताऍं

राजकुमार कुम्भज की तीन कविताऍं 1. फूलों के रॅंग सपनों में   फूलों के रॅंग सपनों में ज़रुरी तो नहीं…

Blogआलोचना/ लेखकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

सेवा नगर’ : मानवीय त्रासदी के ज़ख्म और पीड़ा (भाग-2) : कथा समीक्षा (दूसरी किस्त)

साहित्य आलोचना के सरोकार ‘सेवा नगर’ : मानवीय त्रासदी के ज़ख्म और पीड़ा (भाग-2) : कथा समीक्षा (दूसरी किस्त) ओमसिंह…

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मंजुल भारद्वाज की कविता – घर

कविता घर मंजुल भारद्वाज   घर मेरे अस्तित्व के सांसारिक पहलू का आयाम है सृजन की वैचारिक प्रतिबद्धता के अर्थ…

Blogआलेख विचारसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

सुप्त संवेदनाओं और सपनों को जगाने वाला उपन्यासः अल्केमिस्ट

विचार सुप्त संवेदनाओं और सपनों को जगाने वाला उपन्यासः अल्केमिस्ट उर्वशी उपन्यास ‘अल्केमिस्ट’ आधुनिक विश्व-साहित्य की उन विरल कृतियों में…

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‘सेवानगर’ : मानवीय त्रासदी के ज़ख्म और पीड़ा (भाग-1) : कथा समीक्षा

(प्रस्तुत लेख में भी हमने पाठकों की सुविधा का ध्यान रखा है। इसको दो किस्तों में प्रकाशित कर रहे हैं।…

Blogआलोचना/ लेखसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

पाप और विज्ञान : नैतिकता का सच

पुस्तक समीक्षा पाप और विज्ञान : नैतिकता का सच नमिता जब समाज वेश्यावृत्ति, मानव तस्करी, यौन रोग, गर्भपात, व्यभिचार, तलाक…

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मंजुल भारद्वाज की कविता – तथ्य और सत्य

कविता तथ्य और सत्य मंजुल भारद्वाज तथ्य लोग धर्म में मुक्ति खोजते हैं सत्य धर्म मुक्ति नहीं गुलामी देता है!…