जसवीर त्यागी की दो कविताएं

जसवीर त्यागी की दो कविताएं

क्षमा

जो प्रेम करते हैं
गलती होने पर
क्षमा मांग लेते हैं

इस तरह प्रेम करने वाला
प्रेम और अपने आत्मीय
दोनों को बचा लेता है

जो गलती होने पर भी
क्षमा नहीं माँगते

वे अपने अहम और ज़िद के चलते
अपने आत्म को तो बचा लेते हैं

लेकिन!अपने प्रेम
और आत्मीय को खो देते हैं।

भीगना

 

बारिश हो रही है
लोग बच रहे हैं बारिश से

डर रहे हैं
भीग न जायें कहीं

भीगना
हर किसी के नसीब में नहीं होता

भीगना मनुष्य होना है।

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