मुनेश त्यागी की कविता – हम भारत मां के जाए हैं

कविता

हम भारत मां के जाए हैं

  मुनेश त्यागी

 

आपस में हम नहीं लड़ेंगे

हम भारत मां के जाए हैं,

आखिरी दम तक रक्षा करेंगे

हम भारत मां के जाए हैं।

 

नफरत के रंग घोलो तुम

हम अमनचैन के वारिस हैं,

हिंदुस्तान की रक्षा करेंगे

हम भारत मां के जाए हैं।

 

खूंरेजी है पेशा तुम्हारा

तुम निर्दोषों का खून बहाओ,

हम हिंदू मुसलमां भाई भाई

हम भारत मां के जाए हैं।

 

बहुत देख लीं चाल कुचालें

तुम मेहनतकशों के दुश्मन हो,

देश के लिए हम जिए मरेंगे

हम भारत मां के जाए हैं।

 

कल तो तुम अंग्रेजों के थे

आज तुम अमेरिका के हो,

देश की खातिर मरे मिटे हैं

हम भारत मां के जाए हैं।

 

तुम पैसे और कुर्सी के हो

पैसा और कुर्सी हैं धरम तुम्हारे,

जन मुक्ति ठहरा करम हमारा

हम भारत मां के जाए हैं।

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