विद्यार्थियों से वैज्ञानिक सोच और तर्कशीलता के महत्व पर संवाद

विद्यार्थियों से वैज्ञानिक सोच और तर्कशीलता के महत्व पर संवाद

  • करनाल के राजकीय महाविद्यालय चम्मू कलां में पीडीएसयू  की वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू

करनाल। प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन (पीडीएसयू) की ओर से राजकीय महाविद्यालय चम्मू कलां में वैज्ञानिक दृष्टिकोण (‘Scientific Temperament’) विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला के प्रथम दिन विद्यार्थियों को विज्ञान, तर्कशीलता और समाज के आपसी संबंधों के बारे में जागरूक किया गया।

कार्यशाला में जीवन बीमा निगम (एलआईसी) से सेवानिवृत्त ओम प्रकाश, हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति तथा तर्कशील सोसायटी पंजाब से राम कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। वक्ताओं ने विद्यार्थियों के साथ विज्ञान और समाज, वैज्ञानिक सोच तथा तर्कशीलता के महत्व पर संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को सवाल पूछने, प्रमाणों के आधार पर किसी बात को समझने तथा अंधविश्वास और रुढ़िवादी सोच से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर पीडीएसयू के अध्यक्ष मनीष ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण बहुत जरूरी है। वैज्ञानिक सोच हमें केवल विज्ञान को समझने में मदद नहीं करती, बल्कि समाज में मौजूद समस्याओं, अंधविश्वासों और रूढ़ियों को तर्क एवं प्रमाण के आधार पर समझने और उन्हें बदलने की क्षमता भी देती है। युवाओं में सवाल पूछने और तर्क करने की संस्कृति विकसित करना एक प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है।

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक एवं सामाजिक विषयों पर अपने सवाल रखे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना, तार्किक सोच, सवाल करने की प्रवृत्ति और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना है।
कार्यशाला का दूसरा दिन भी विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक गतिविधियों एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जुड़े विभिन्न विषयों पर केन्द्रित रहेगा।

पीडीएसयू के अध्यक्ष मनीष की रिपोर्ट

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