मुनेश त्यागी की कविता – आजादी आजादी हां हर गुलामी से आजादी

कविता

आजादी आजादी हां हर गुलामी से आजादी

मुनेश त्यागी

 

लड़ के ली थी आजादी
हम लेके रहेंगे आजादी,
हमें जान से प्यारी आजादी
है हक हमारा आजादी।

मनुवाद से आजादी
पूंजीवाद से आजादी
सामंतवाद से आजादी,
साम्राज्यवाद से आजादी।
हम लेके रहेंगे आजादी…

हिंदू राष्ट्र से आजादी,
इस्लामी राष्ट्र से आजादी,
आतंकवाद से आजादी,
फासीवाद से आजादी,
हम लेके रहेंगे आजादी…

भ्रष्टाचार से आजादी,
असमानता से आजादी,
असहिष्णुता से आजादी,
जुल्मो-सितम से आजादी
हम लेके रहेंगे आजादी…

खूंरेजी से आजादी,
मारपीट से आजादी
भेदभाव से आजादी,
पिछड़ेपन से आजादी,
हम लेके रहेंगे आजादी…

अन्यायवाद से आजादी,
शोषणवाद से आजादी,
अलोकतंत्र से आजादी,
हां देशद्रोह से आजादी,
हम लेके रहेंगे आजादी…

रंगभेद से आजादी
जातिवाद से आजादी,
छुआछूत से आजादी,
यथास्थिति से आजादी,
हम लेके रहेंगे आजादी…

पितृसत्ता से आजादी,
भ्रुणहत्या से आजादी,
दहेजवाद से आजादी,
दुल्हन दहन से आजादी
हमें जान से प्यारी आजादी…

देवदासी से आजादी,
चीरहरण से आजादी
अग्निपरीक्षा से आजादी
तलाक तलाक से आजादी,
हमें जान से प्यारी आजादी…

निजीकरण से आजादी,
उदारीकरण से आजादी,
बाजारीकरण से आजादी
वैश्वीकरण से भी आजादी,
हमें जान से प्यारी आजादी के…

प्रांतवाद से आजादी,
जातिवाद से आजादी
भाषावाद से आजादी,
साम्प्रदायिकता से आजादी
हमें जान से प्यारी आजादी के…

झूठे वादों से आजादी,
झूठे नारों से आजादी,
दिखावेबाजी से आजादी,
हां हर गुलामी से आजादी,
हमें जान से प्यारी आजादी।

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