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राजकुमार कुम्भज की तीन कविताऍं

राजकुमार कुम्भज की तीन कविताऍं   1 ये धिक्कार बने औज़ार   ऊॅंचाइयों पर खड़ा एक आदमी नीचे ज़मीन पर…