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मुनेश त्यागी की कविता – पितृ दिवस के मौके पर

हमारे पिता जी  पढ़े लिखे  नहीं थे। पिता जी के साथ हमारे तीन ताऊजी भी शामिल हैं। हमारे दो ताऊजी…