माकपा का आरोप – पुलिस हमले में सांसद जॉन ब्रिटास घायल

माकपा का आरोप – पुलिस हमले में सांसद जॉन ब्रिटास घायल

  • पार्टी महासचिव एम ए बेबी ने जारी किया वीडियो, धक्का मुक्की की गई, बस की सीढ़ियों से गिरे

नयी दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान, दिल्ली पुलिस के कर्मियों के हमले में  मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता जॉन ब्रिटास घायल हो गए। इसके बाद राज्यसभा सदस्य को एक्स-रे और मेडिकल जांच के लिए राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ले जाया गया।

हिरासत में लिये जाने के दौरान पुलिसकर्मियों ने ब्रिटास को उठाकर हटाया। माकपा द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में उन्हें बस की सीढ़ियों पर गिरते हुए देखा गया, जिससे छाती में संभवत: चोट आने की जांच के लिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

माकपा महासचिव एम.ए. बेबी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने आरएमएल अस्पताल में ब्रिटास से मुलाकात की।

माकपा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने ब्रिटास पर ‘‘बेरहमी से हमला’’ किया और बाद में उन्हें घायल और बुरी हालत में सड़क किनारे छोड़ दिया।

वाम दल ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस ने सारी हदें पार कर दी हैं।’’

ब्रिटास से मुलाकात के बाद, बेबी ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिये गए छात्र और युवा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की और पुलिस की गाड़ियों को ‘‘यातना शिविर’’ में बदल दिया।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एसएफआई (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) के अध्यक्ष आदर्श एम. साजी और डीवाईएफआई (डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया) के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य जैक सी. थॉमस समेत कई छात्र और युवा कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस गाड़ियों के अंदर मारपीट की गई।’’

बेबी ने यह भी आरोप लगाया कि महिला प्रदर्शनकारियों पर हमला किया गया और उन्हें घंटों तक पुलिस गाड़ियों में हिरासत में रखा गया।

उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने दिल्ली को युद्ध का मैदान बना दिया है।’’ उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करने वाले लोग पीछे नहीं हटेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए ब्रिटास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मोदी और शाह को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। दिल्ली पुलिस पागल कुत्तों की तरह हो गई है।’’

एक और पोस्ट में उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटेंगे, भले ही उन्हें सड़कों पर घसीटा जाए, लाठियों से पीटा जाए या जूतों से रौंदा जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को वापस पाने का आंदोलन जारी रहेगा।

हिरासत में लिये जाने से पहले, ब्रिटास ने कहा था कि उच्चतम न्यायालय की बात न मानने के आरोपों के कारण मोदी सरकार के पास सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं रह गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली की सड़कों पर होने वाले हर खून-खराबे का असर इस सरकार पर पड़ेगा और शाह को गृह मंत्री का पद छोड़ देना चाहिए।’’

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