Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

मंजुल भारद्वाज की कविता – सफलता कोई मंजिल नहीं,जीवन दृष्टि की यात्रा है!

कविता सफलता कोई मंजिल नहीं,जीवन दृष्टि की यात्रा है! मंजुल भारद्वाज सफलता का क्या अर्थ है गांधी देश को आज़ाद…

Blogसमय/समाजसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

उद्योगपति और व्यापारी हिंदी साहित्य से क्यों विमुख हो गए?

उद्योगपति और व्यापारी हिंदी साहित्य से क्यों विमुख हो गए? शंभुनाथ आधुनिक युग के आरंभ में, 19वीं सदी में ही…

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राजकुमार कुम्भज की कविता – जी रामजी

कविता जी रामजी राजकुमार कुम्भज की   वंदे मातरम् वंदे माताराम वंदे भ्राताराम वंदे तोताराम वंदे छोटाराम वंदे मोटाराम भारतमाता…

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ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं

ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं   कर्ज़े नीच्चै सांस फूलगी !   म्हारी कर्ज़े नीच्चै सांस फूलगी, तू करता फिरै…

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ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं

ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं फिर कौन बोलेगा?   आज हम बोले नहीं तो कल कौन बोलेगा! ये बेड़िया गुलामी…

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मंजुल भारद्वाज की कविता – अमलतास

कविता अमलतास मंजुल भारद्वाज हाथ में आते आते यूं फिसल जाती है ज़िंदगी कभी हवा कभी पानी कभी मिट्टी कभी…

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रणबीर सिंह दहिया की दो कविताएं

रणबीर सिंह दहिया की दो कविताएं आने वाला समय   दो हजार तीस के आते आते सुनते जाओ चार सौ…