Blogगीत ग़ज़ल मनजीत मानवी की एक और ग़ज़ल ग़ज़ल मनजीत मानवी वो आया भी और चला भी गया इक कोह सा मगर दरमियाँ ही रहा कहीं कोई… Pratibimb Media12 November 202512 November 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतचुनाव आशा की यादें: मैंने 1974 में कनाडा का चुनाव कैसे लड़ा संस्मरण आशा की यादें: मैंने 1974 में कनाडा का चुनाव कैसे लड़ा सैयदा हमीद आज, वर्तमान व्यवस्था के कटु… Pratibimb Media10 November 202511 November 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतपर्यीवरण/जलवायु मंजुल भारद्वाज की कविता- प्रकृति बिकाऊ नहीं है! कविता प्रकृति बिकाऊ नहीं है! – मंजुल भारद्वाज आज हर मनुष्य को लगता है वो अपनी ज़रुरत की हर चीज़… Pratibimb Media10 November 2025
Blogगीत ग़ज़ल मनजीत मानवी की ग़ज़ल मनजीत मानवी की ग़ज़ल जब जब शाख पे कोयल बोले, हयात नई हो जाती है थके थके से जीवन… Pratibimb Media10 November 202510 November 2025
Blogगीत ग़ज़ल मनजीत मानवी की एक ग़ज़ल मनजीत मानवी की एक ग़ज़ल है शुक्र कि चाँद तारों का , मज़हब नहीं कोई सियासी मीज़ान वरना, इनको… Pratibimb Media8 November 20258 November 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत कैंसर के साथ एक मुठभेड़: आत्म-चिंतन कैंसर के साथ एक मुठभेड़: आत्म-चिंतन मनजीत मानवी कहा जाता है कि जीवन संयोगों से बुना होता है —और कैंसर… Pratibimb Media7 November 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा मंजुल भारद्वाज की कविता- रंगकर्म कविता रंगकर्म -मंजुल भारद्वाज एक समय में दो किरदार एक पात्र,एक अदाकार एक मूल,एक इश्तिहार एक जीवन,दूजा कथाकार एक दृश्य,एक… Pratibimb Media7 November 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतनाटक रंगमंच थियेटरविरासतसमाचारसिनेमा/ शास्त्रीस संगीत/गीत/गीतकार/गायक/ संगीत/ संगीतकार फिल्म हरियाणा का लोकनाट्य एक सांझी विरासत: ‘सांग’व नाटक हरियाणवी संस्कृति के प्रतिबिंब हरियाणा का लोकनाट्य एक सांझी विरासत: ‘सांग’व नाटक हरियाणवी संस्कृति के प्रतिबिंब ये प्रदेश की प्राचीन संस्कृति से लेकर आधुनिक… Pratibimb Media6 November 20256 November 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत बारिश में बोलते मौन पर क्षण भर भूटान यात्रा वृत्तांत-3 बारिश में बोलते मौन पर क्षण भर -अरुण माहेश्वरी भूटान में अंतिम तीन दिन हमने पारो में… Pratibimb Media5 November 20255 November 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत मंजुल भारद्वाज की कविता – मैं कलाकार हूं! कविता मैं कलाकार हूँ ! -मंजुल भारद्वाज पानी चंचल, अस्थिर है इस ओर से उस ओर बहता है मीठा… Pratibimb Media31 October 202531 October 2025