कविता
मेहनतकशों की सरकार बनाएंगे
मुनेश त्यागी
दुनिया भर के मेहनतकशों
मशालें लेकर चलना होगा,
संसार में फैले अंधेरों को
हम मिलजुल कर ही जीतेंगे।
अकेले-अकेले ही लड़ने से तो
कभी किसी को कुछ ना मिला है,
सारी दुनिया के शोषितों को
साथ लेकर आगे बढ़ते जाएंगे।
शोषण जुल्म से छुटकारे का
सबसे जरूरी है एक कार्यक्रम,
केवल कुछ लोगों का ही नहीं
जन्म मुक्ति का मार्ग अपनाएंगे।
जालिमों का तो काम ही है
सारी मेहनत को हड़पते जाना,
जनता को शिक्षित संगठित करके
मेहनत की लूट को रोकेंगे।
छात्रों नौजवानों को जोड़ेंगे
मजदूर किसानों को जोड़ेंगे,
जनवादी लेखकों को जोड़कर
क्रांति की मशाल जलाएंगे।
सारी दुनिया अब देख रही है
शोषकों लुटेरों की सरकारों को,
इन सरकारों से कुछ ना मिलेगा
मेहनतकशों की सरकार बनाएंगे।
