मंजुल भारद्वाज की कविता- कितना खूबसूरत होता है… !

कविता

कितना खूबसूरत होता है… !

 मंजुल भारद्वाज

 

कितना खूबसूरत होता है…
मज़लूम, ग़रीब,बेसहारा के लिए
आवाज़ उठाना
उनके हक़ के लिए
संघर्ष करना !

कितना खूबसूरत होता है…
अन्याय के खिलाफ़
न्याय की चेतना जगाना
अन्याय के खिलाफ़
शोषितों को लामबंद करना !

कितना खूबसूरत होता है…
हिंसा नहीं
अहिंसा के मार्ग पर चलकर
ग़ुलाम कौम को
आज़ाद कराना !

कितना खूबसूरत होता है…
जुमलेबाज़ी, अफ़वाहों
और झूठ के साथ नहीं
अपितु
सत्य के साथ खड़ा होना
सत्य के मार्ग पर चलना !

कितना खूबसूरत होता है…
इंसाफ़,उम्मीद और
इंसानियत की डगर पर चलते हुए
कला से इस दुनिया को बेहतर बनाना !

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