रणबीर सिंह दहिया की रागनी- तहे दिल तैं चाहवै
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वार्ता:
तहे दिल तैं चाहवै
सुभाष चंद्र बोस तेरी याद बहोत घणी आवै सै रै।।
भारत खड़या चौराहे पै तहे दिल तैं चाहवै सै रै।।।
1
थारी कुर्बानी तो भूल गए देश पढण बिठाया देख
घोटाले पर घोटाले करकै घणा उधम मचाया देख
गुलाम पहले ब्रिटेन का इब अमरीका आया देख
लूट के तरीके बदल लिए किसान दुख पाया देख
कांग्रेस मैं तनै देख्या था कई हिचकोले खावै सै रै।।
भारत खड़या चौराहे पर तहे दिल तैं बुलावै सै रै।।
2
अंग्रेज ताहवण खातर आजाद हिन्द फौज बनाई रै
तम खूनदयो मैं आजादी दिलाऊँ या आवाज लाई रै
गोरे घणे जुल्मी सैं इसकी घर घर मैं अलख जगाई रै
गोर शासक पक्के बैरी जनता आछी ढाल समझाई रै
थारे बारे मैं या दादी मेरी कई ए कहानी सुणावै सै रै।।
भारत खड़या चौराहे पर तहे दिल तैं बुलावै सै रै।।
3
थारी मौत के बारे मैं बादल आज तलक छाए सुभाष
हवाई जहाज की दुर्घटना मैं खत्म हुए बताये सुभाष
किसे नै कहि अक रूस में एक बै नजर आए सुभाष
इतने साल हो लिए हम सच्चाई ना जान पाए सुभाष
ईसा लागै सै जणु सुभाष दरवाजे खट खटावै सै रै।।
भारत खड़या चौराहे पर तहे दिल तैं बुलावै सै रै।।
4
सुभाष थारे सपन्यां का भारत हम बना नहीं पाए
सारे नर नारी सुख पावैं इसे कदम उठा नहीं पाए
गरीब की झोंपड़ी मैं आजादी हम पहुंचा नहीं पाए
सबको शिक्षा काम सबको देश मैं दिवा नहीँ पाए
रणबीर सिंह बरोने आला अपना सीस झुकावै सै रै।।
भारत खड़या चौराहे पर तहे दिल तैं बुलावै सै रै।।

लेखक- रणबीर सिंह दहिया
