गीत
नेता हमारे, वतन बेच देंगे
मुनेश त्यागी
शपथ बेच देंगे, कसम बेच देंगे
यह नेता हमारे, वतन बेच देंगे,
थोड़े से पैसों में, थोड़े से लालच में
- कई जन हमारे, कलम बेच देंगे।
वफा कुछ नहीं, दोस्ती कुछ नहीं है
बचा है जो थोड़ा, भरम बेच देंगे,
हया-ओ-शरम, सब कुछ बेच देंगे
ये कुर्सी की खातिर, धरम बेच देंगे।
चिंतन, चेहरा और चलन बेच देंगे
सत्ता की खातिर, कमल बेच देंगे
दीपक, उजाला, शमा बेच देंगे
जवानी, बहारें, चमन बेच देंगे।
चांद, सितारे, सूरज बेच देंगे
जमीन, जंगल, गगन बेंच देंगे।
होली, दिवाली और ईद बेच देंगे
खुशी के हंसी के, सपन बेच देंगे।
सुनो मेरे यारों, ये नेता हमारे
शहीदों की कस्में, रसम बेच देंगे
शपथ बेच देंगे, कसम बेच देंगे
ये नेता हमारे, वतन बेच देंगे।
