हम प्रगतिशील-जनवादी लेखक, मानवतावादी हैं :  पाल कौर

हम प्रगतिशील-जनवादी लेखक, मानवतावादी हैं :  पाल कौर

  • प्रगतिशील लेखक संघ के स्थापना दिवस पर प्रलेस अंबाला ने आयोजित की संगोष्ठी 

अंबाला छावनी। प्रगतिशील लेखक संघ के 91वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित साहित्यिक समारोह में साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता मशहूर कवयित्री डॉ. पाल कौर ने कहा कि हम प्रगतिशील -जनवादी लेखक मानवतावादी हैं, लेकिन दमन व शोषण विरोधी हैं। इसलिए हम दबे-कुचले लोगों के साथ खड़े हैं। डॉ. पाल कौर मानव सहयोग समिति हरियाणा के सहयोग फरुखा खालसा सीनियर स्कूल अंबाला छावनी में प्रलेस के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में प्रलेस-अंबाला द्वारा आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती को समर्पित समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रही थीं । इससे पहले प्रलेस अंबाला के सचिव प्रो. गुरदेव सिंह देव ने डॉ. पाल कौर के रचनाकर्म के बारे में जानकारी दी।

अपने व्याख्यान में डॉ. पाल कौर ने गुरु गोबिंद सिंह द्वारा जातिवादी विहीन खालसा पंथ की स्थापना का जिक्र करते हुए कहा कि सिख धर्म में आज भी जातिवाद मौजूद है। डॉ. भीमराव अंबेडकर के संदर्भ में बोलते हुए उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों व अधिकारों से दलित सरकार बनी लेकिन वह भी भ्रष्टाचार का शिकार हो गई यदि सभी जनजातियाँ दलित एकजुट होते तो वे राजनीतिक ताकत बन सकते थे और अपने अधिकार हासिल कर सकते थे।

इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत कवि – रंगकर्मी यादविंदर सिंह कलौली के क्रांतिकारी गीत और मानव सेवा समिति के मेवा सिंह भाया के गीत से हुई।उसके के बाद प्रलेस अंबाला प्रधान प्रसिद्ध कॉलम-नवीस तनवीर जाफरी ने प्रगतिशील संघ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, वैचारिक सार्थकता एवं वर्तमान परिदृश्य बारे में बताया । जनवादी लेखक संघ (जलेस) के प्रदेशाध्यक्ष श्री जयपाल ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन संघर्ष, व्यक्तित्व व कृतित्व पर सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने हाल ही पड़ोसी देश नेपाल की नई सरकार द्वारा सदियों से निम्न जातियों के लोगों के शोषण व उत्पीड़न के प्रति माफ़ी माँगने व भविष्य में भेदभाव रहित मानवीय मूल्यों पर आधारित समाज निर्माण की बात कही । इसे सभी श्रोताओं ने तालियों से खूब सराहा। रोटरी क्लब प्रधान डॉ जोगिन्द्र सिंह ने विशेष टिप्पणी कर संवाद रचाया ।

दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ जिसमें हिन्दी पंजाबी के कवियों ने रचनाएँ सुनाईं। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता तर्कशील मैगजीन के संपादक गुरमीत तर्कशील और जलेस अंबाला की प्रधान अनुपम शर्मा और प्रलेस के प्रधान तनवीर जाफरी ने की तथा मंच कवि संचालन यादविंदर सिंह कलौली ने किया। शुरुआत डॉ पाल कौर ने की उनके बाद कैथल से आए दिलबाग सिंह अकेला , गुरनाम बावा व प्रवीन वर्मा की रचना को सभी ने सराहा। अन्य कवियों में नरसिंह कुमार मयूर,गुरुदेव सिंह देव, ऊधम सिंह, कृष्ण अवतार सूरी, जयपाल, राजिंदर कौर, अनुपम शर्मा , तनवीर जाफ़री , यादविंदर कलौली व डॉ रतन सिंह ढिल्लों ने भी इस काव्य पाठ में शिरकत की।

मेवा सिंह भाया, रोटरी क्लब के पूर्व प्रधान दिलीप मेहता और विशाल शर्मा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में खास योगदान दिया। आखिर में, एसोसिएशन ने डॉ. पाल कौर को शाल पहनाकर सम्मानित किया।

रिपोर्ट- प्रो. गुरुदेव सिंह देव

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