रागनी
आज का सच
डॉ रणबीर सिंह दहिया
झूठे रास्ते बढ़ते जा रहे सच के रास्ते आज बदल रहे
जात पात धर्म की आड़ में बांटने के तरीके बदल रहे
बेअकल अकल वालों के रास्ते देखो आज ये बदल रहे
अमरीका की झूठ मूठ की भारत के कर क्यों नकल रहे।।
खेत क्यार बदल रहे हैं ये गांव शहर भी देखो बदल रहे
जीव जंतु पशु भी और ये आज के इंसान भी बदल रहे
सुबह शाम और ये मौसम भी अपने ढंग से बदल रहे
राज सत्ता में बैठे आज वो बढ़ा अपना देखो दखल रहे।।
खान पान रहन सहन भी हम सबके ही देखो बदल रहे
सोच विचार और बातचीत के तौर तरीके भी बदल रहे
आपसी भाईचारा कम हुआ बातों के रंग भी बदल रहे
युवा बेरोजगार घूमते हुए एक तरह देखो हो बेदखल रहे।।
यू के कनाडा जाने का अपना सही रास्ता क्यों बदल रहे
गलत रास्ते जा करके भेष असली अपना क्यों बदल रहे
छोटे मोटे काम वहां करते सोच के ढंग क्यों बदल रहे
अमरीका यूके वासी इनको देखो बता क्यों बे अकल रहे।।
