जसवीर त्यागी की तीन छोटी कविताएं

जसवीर त्यागी की तीन छोटी कविताएं

होना

बच्चा
बड़ा होना चाहता है

बड़ा
बच्चा होना चाहता है

एक अतीत
दूसरा
भविष्य होना चाहता है।

जरूरत

स्कूल से घर लौटते हुए
बेटी ने कहा –
पापा,किसी बूढ़े आदमी के रिक्शा में ही बैठना
मैंने पूछा-क्यों?

वह बोली-
हर किसी को जल्दी है
मंजिल पर पहुँचने की
जवान के रिक्शे पर बैठते हैं ज्यादातर लोग

बूढ़े रिक्शा धीरे खींचते हैं
कम मिलती है सवारी
उन्हें भी पैसों की जरूरत होती होगी
तभी चलाते हैं रिक्शा

वरना किसे अच्छा लगता है
आराम करने की उम्र में काम करना।

तुम्हारे चले जाने के बाद

तुम्हारे चले जाने के बाद
मैं मरा नहीं
और ना ही
अपनी राह से अलग जा गिरा

तुम्हारे चलेे जाने के बाद
मैं किसी भी दिन
नहीं हुआ उदास

अपनी डायरी में
यही लिखता हूँ हर रोज

देखो,मैंने तुम्हें
आज फिर नहीं किया
पहले की तरह याद

तुम्हारे चले जाने के बाद।


कवि जसवीर त्यागी दिल्ली विश्वविद्यालय के राजधानी कालेज में हिंदी के प्रोफेसर हैं।