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आस्था के अंधकार,उसके पाखंडों को अपने तर्क से ध्वस्त करते हैं कबीर !

आस्था के अंधकार,उसके पाखंडों को अपने तर्क से ध्वस्त करते हैं कबीर ! मंजुल भारद्वाज कबीर भारत में साहित्य का…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – कबीर चौकड़ा

कविता कबीर चौकड़ा ओमसिंह अशफ़ाक 1 कबीरा एक बार फिर आजा ! खतरे में है अपनी थाती हमको तेरी याद…