कविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिहं अशफ़ाक की कविता – बादल़ हैं मरज़ी के मालक

कविता बादल़ हैं मरज़ी के मालक ओमसिहं अशफ़ाक   इब उमड़-घुमड़ कै बरसे बादळ ! कदे बिन पाणी थे तरसे…