HomeBlogरामस्वरूप किसान की कविता – चुप क्यों है जहां रामस्वरूप किसान की कविता – चुप क्यों है जहां 28 August 202528 August 2025Pratibimb Media कविता चुप क्यों है जहां रामस्वरूप किसान कब से फिलीस्तीन को खाए जा रहा है एक आदमखोर हुक्मरां भूखे बच्चों को छाती से चिपका कब से भटक रही हैं बदहवास माएं यहां-वहां इतने पर भी चुप क्यों है जहां। Post Views: 490 Like 0 0 Comments
सम्मान के साथ बुढ़ापा कल विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस था। आज बुजुर्गों को लेकर एक कविता दिखी। बहुत मार्मिक कविता है। आप लोग…
नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत ने कैबिनेट सचिव को सौंपा ज्ञापन पुराने पेंशन पेंशन बंधन में मांग पत्र में दी गई सलाह 13 अप्रैल के राष्ट्रीय सम्मेलन में मजी न वेल्थ…
एहसान का बोझ: समाज की अदृश्य जंजीर समय समाज एहसान का बोझ: समाज की अदृश्य जंजीर मदद और नियंत्रण के बीच की महीन रेखा, जो हमारी स्वतंत्रता…