Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत

मुनेश त्यागी की कविता- आज के असली रावण

कविता- आज के असली रावण मुनेश त्यागी   दंगे झूठ छल हिंसा। कपट दहेज हत्याएं महंगाई। मक्कारी भ्रष्टाचार प्रांतीयता जातिवाद।…

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आज जल,जंगल,ज़मीन बचाना ही सबसे बड़ी देश,मानवता और पृथ्वी सेवा है !

आज जल,जंगल,ज़मीन बचाना ही सबसे बड़ी देश,मानवता और पृथ्वी सेवा है – मंजुल भारद्वाज मनुष्य विशेष कर मध्यमवर्ग संतुलन बनाने…

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मंजुल भारद्वाज की कविता -अंतहीन गंतव्य

कविता अंतहीन गंतव्य मंजुल भारद्वाज पहले से खींची हुई लकीर को मिटाकर नहीं उससे बड़ी लकीर खींचकर इतिहास रचो !…

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विमल वर्मा: प्रगतिशील साहित्य के साधक जिनकी प्रतिभा से न्याय नहीं हुआ

विमल वर्मा: प्रगतिशील साहित्य के साधक जिनकी प्रतिभा से न्याय नहीं हुआ अरुण कुमार आखिरकार प्रख्यात जनवादी आलोचक, गंभीर संपादक…

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विमल वर्मा: आधुनिक हिंदी साहित्य का एक जाना-माना आलोचक और संपादक

स्मृति शेषः एक अनोखा, विलक्षण व्यक्तित्व   विमल वर्मा: आधुनिक हिंदी साहित्य का एक जाना-माना आलोचक और संपादक अरुण माहेश्वरी…

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अपूर्वा दीक्षित की कविता – अंतर्मन

कविता  अंतर्मन अपूर्वा दीक्षित   एक धुन है, एक आवाज़ है, अन्तर्मन में उठता गुंजार है। मानो चिरंतन का मृदुल…

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ओमप्रकाश तिवारी की कविता- षड्यंत्र

कविता षड्यंत्र ओमप्रकाश तिवारी गुलशन में गुलाब लगे थे सभी रंग के थे लाल कम पीले ज़्यादा थे सफ़ेद रंग…