Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसामाजिक/ सांस्कृतिक रिपोर्ट

हरिचांद गुरुचांद की वंशज मेरी ताई हेमलता और एक अदद शुतुरमुर्ग

संस्मरण हरिचांद गुरुचांद की वंशज मेरी ताई हेमलता और एक अदद शुतुरमुर्ग कल अनसुनी आवाज़ के रुद्रपुर दफ्तर से लौटकर…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतयुद्ध/संघर्ष

युद्ध के विरुद्ध जयपाल की दो कविताएं

युद्ध के विरुद्ध जयपाल की दो कविताएं 1. यूद्ध के बाद युद्ध के बाद बच जाएंगे कुछ पिता कुएं में…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

जयपाल की पांच प्रेम कविताएं

जयपाल की पांच प्रेम कविताएं 1. शिकायत   वह लिखती रही प्रेम-पत्र करती रही शिकायत जवाब भी मिलता रहा साथ…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसमय/समाज

नफ़रत के दौर पर जयपाल की दो कविताएं

नफ़रत के दौर पर जयपाल की दो कविताएं 1 पहचान   तुम्हारे वस्त्रों से ही तय होगी अब तुम्हारी पहचान…