Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत

कविता दिवस पर जितेंद्र धीर की कविता

  कविता जितेंद्र धीर  एक युद्ध है  उन सबके विरुद्ध  जो बांध लेना चाहते हैं  सारी दुनिया   अपनी मुट्ठियों में …

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत

ओमप्रकाश तिवारी की कविता – पतझड़

पतझड़ ओमप्रकाश तिवारी पीले पत्ते गिर रहे हैं  शाखाओं से  पेड़ खड़ा है  विछोह से भरा  दर्द को जब्त किये …

Blogअंतरराष्ट्रीयकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत

दीपक वोहरा की कविता: अशक्त/सशक्त स्त्रियाँ

अशक्त/सशक्त स्त्रियाँ अशक्त स्त्रियाँ को न तो सशक्त का अर्थ पता है न अशक्त का उन्हें तो यह भी नहीं…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतहरियाणा

मनजीत ख़ान भावङिया की हरियाणवी कविता

खोटा ज़माना घणा माड़ा टेम आग्या परिवार कुमबे की इज्जत ढेर एक बुझे रोटी की दुसरा कह खा गा के…