पाश-हंस राज स्मारक पर कब्ज़ा करने की कोशिशों को नाकाम करने का आह्वान
* प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से माँगा मिलने का समय
* पाश हंस राज परिसर में ही 9 सितंबर को जन्मदिवस समारोह मनाने का ऐलान
* पाश यादगारी अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट, शहीदी यादगारी कमेटी इलाका नकोदर और अवतार सिंह पाश ट्रस्ट मिलकर करेंगे समारोह
जालंधर। पंजाब के जन-संगठनों, जन-पक्षधर साहित्यकारों, कलाकारों और साहित्यिक संस्थाओं ने पाश यादगारी परिसर पर सरकारी शह से अवैध कब्ज़े की कोशिशों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इन ओछी कोशिशों को नाकाम करने का आह्वान किया है।
बैठक में संगठनों ने फैसला लिया कि पाश का जन्मदिवस उनके पैतृक गाँव तलवंडी सालेम में 9 सितंबर को दिन में 11 बजे मनाया जाएगा। यह समारोह ‘पाश यादगारी अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट’, ‘शहीदी यादगारी कमेटी इलाका नकोदर’ और ‘अवतार सिंह पाश यादगारी ट्रस्ट’ के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया जाएगा।
आज की बैठक में कहा गया कि 9 सितंबर के समारोह की तैयारी के लिए चलाए जाने वाले अभियान के माध्यम से पाश की याद मिटाने की कोशिशों के ख़िलाफ़ लोगों को लामबंद किया जाएगा और दशकों से बने इस स्मारक परिसर को ‘स्मारक’ के रूप में मान्यता देने की माँग पंजाब सरकार तक पहुँचाई जाएगी।
रविवार को स्थानीय देशभगत यादगार हॉल में ‘पाश यादगारी अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट’ और ‘शहीदी यादगारी कमेटी इलाका नकोदर’ द्वारा बुलाई गई बैठक प्रगतिशील लेखक संघ, पल्स मंच, तर्कशील सोसाइटी पंजाब, जम्हूरी अधिकार सभा पंजाब, अवतार सिंह पाश मेमोरियल ट्रस्ट, देशभगत यादगार कमेटी, पंजाब के जाने-माने बुद्धिजीवियों व लोकतांत्रिक हस्तियों सहित मज़दूर-किसान संगठनों के प्रतिनिधियों तथा गाँव तलवंडी सालेम से बड़ी संख्या में आए लोगों ने शिरकत की। बैठक की अध्यक्षता प्रसिद्ध बुद्धिजीवी डॉ. स्वराजबीर, पाश यादगारी अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट के सदस्य डॉ. परमिंदर सिंह, पाश हंसराज शहीदी यादगारी कमेटी के संयोजक मोहन सिंह बल्ल और देशभगत यादगार कमेटी के महासचिव गुरमीत सिंह ने संयुक्त रूप से की।
पाश की हत्या के बाद से गांव में होता है शहीदी सम्मेलन
याद रहे कि शीर्ष इंकलाबी कवि अवतार पाश और उनके दोस्त हंसराज की 23 मार्च 1988 को आतंकवादियों द्वारा गोलियाँ मारकर हत्या कर दी गई थी। तभी से गाँव में इंकलाबी संगठनों द्वारा हर साल शहीदी सम्मेलन का आयोजन किया जाता है। गाँव के भीतर पाश यादगारी अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट द्वारा ‘पाश हंस राज यादगारी परिसर’ का निर्माण किया गया है, जहाँ हर साल शहीदी समारोह आयोजित होता है।
सरपंच ने ताले तोड़कर स्मारक के ताले तोड़कर की कब्जे की कोशिश
पिछले दिनों गाँव के मौजूदा सरपंच ने स्मारक के ताले तोड़कर अंदर झूले और पींघें झूलने के लिए पाइप गाड़कर स्मारक पर कब्ज़ा करने की कोशिश की है। स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने नकोदर के एसडीएम सिमरनजीत सिंह से मिलकर सरपंच के इस कदम की लिखित सूचना दी थी, लेकिन प्रशासन की तरफ़ से इस पर कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई।
आज की बैठक ने इसका सख्त संज्ञान लेते हुए कहा कि असल में सरपंच को ‘आम आदमी पार्टी’ का सह (समर्थन) हासिल है।
लेखक बुद्धिजीवी पूरे पंजाब में चलाएंगे प्रचार अभियान
बैठक में यह फैसला भी किया गया कि नकोदर इलाके और पूरे पंजाब में लेखकों व बुद्धिजीवियों द्वारा अपने-अपने मंचों से प्रचार अभियान चलाया जाएगा। आज की बैठक में सर्वसम्मति से हाथ उठाकर जो फैसला लिया गया, उसकी अध्यक्षता मंडल की ओर से घोषणा करते हुए डॉ. स्वराजबीर ने कहा कि 9 सितंबर को तलवंडी सालेम में अवतार पाश का जन्मदिवस समारोह एक मिसाल कायम करने वाले विशाल इकट्ठा के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान लेखकों, बुद्धिजीवियों, साहित्यिक संस्थाओं और जन-संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब के मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगेगा।
स्मारक परिसर के मुद्दे को गतिविधियों में शामिल करने की अपील
उन्होंने कहा कि पंजाब की सभी जन-पक्षधर संस्थाओं से अपील की गई है कि वे अपनी गतिविधियों में स्मारक परिसर के मुद्दे को शामिल करें। इन फैसलों का ‘पाश यादगार अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट’ के संयोजक (डॉ.) सुरिंदर धनजल ने बैठक में संदेश भेजकर समर्थन किया।
ये प्रमुख हस्तियां हुईं शामिल
आज की बैठक में पंजाब लोक सभ्याचारक मंच (पल्स मंच) के प्रदेश अध्यक्ष अमोलक सिंह, देहाती मज़दूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन नाहर, पेंडू मज़दूर यूनियन पंजाब के प्रदेश नेता कश्मीर सिंह घुग्गसोर, भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के प्रदेश उपाध्यक्ष झंडा सिंह जेठूके, रूप छन्ना, भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा (मनजीत धनेर) के जसविंदर सिंह, हरजिंदर सिंह, रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में कार्यरत शहीद भगत सिंह विचार मंच के नेता अमरीक सिंह, रंगकर्मी रिंपल प्रीत कौर, पाश यादगारी अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट के सदस्य जागीर जोसन, अवतार सिंह पाश मेमोरियल ट्रस्ट के पावेल कुस्सा, जम्हूरी लहर के नेता बूटा सिंह महमूदपुर, तर्कशील सोसाइटी पंजाब के प्रदेश नेता सुखविंदर बागपुर, जोगिंदर कुल्लेवाल, जम्हूरी अधिकार सभा के ज़िला सचिव डॉक्टर मंगत राय, जसविंदर भोगल, देशभगत यादगार कमेटी की ट्रस्टी सुरिंदर कुमारी कोछड़, रणजीत सिंह औलख, एडवोकेट सुरिंदर खीवा, पंजाब खेत मज़दूर यूनियन के प्रदेश वित्त सचिव हरमेश मालड़ी, प्रगतिशील लेखक संघ के नेता कवि सुरजीत जज, कवि फतेहजीत की बेटी कवयित्री बलजीत कौर बल्ल, पंजाब खेत मज़दूर सभा के ज्ञान सैदपुरी, तलवंडी सालेम के पूर्व सरपंच मनजिंदर सिंह, पाश के चचेरे भाई सुखविंदर सिंह सुच्चा के अलावा बड़ी संख्या में तलवंडी सालेम के मज़दूर उपस्थित थे।
