शहीदे आजम के जन्मदिन पर विचार गोष्ठी
तर्कशील सोसायटी, यमुनानगर इकाई ने भगत सिंह को याद किया
यमुनानगर। 27 सितंबर 2026 को शहीदे आज़म भगत सिंह के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में आगाज़ संस्था एवं तर्कशील सोसायटी द्वारा एक विचार गोष्ठी का आयोजन बलबीर जी के निवास स्थान पर यमुनानगर में किया गया ।
आगाज़ के संयोजक राजेश बिन्द्रा की अध्यक्षता में संचालित इस गोष्ठी में तर्कशील सोसाइटी यमुनानगर इकाई के प्रधान एडवोकेट बलबीर सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप मे शहीद भगत सिंह के जीवन से जुड़े कई संस्मरण सांझे करते हुए बताया कि शहीद तो बहुत हुए हैं लेकिन सिर्फ भगत सिंह को ही शहीदे आज़म से इसलिये नवाज़ा जाता है क्यों कि वो एक बेहद पढ़े लिखे और दार्शनिक सोच के व्यक्ति थे । उन की सोच और विचार अन्य क्रांतिकारियों की सोच को बदलने में सहायक बने ।उन्होंने ही समाजवाद शब्द को संगठन के विचार और नाम में शामिल किया।
शहीद भगत सिंह सिर्फ अंग्रेजो की गुलामी से ही लोगों को मुक्त नहीं करना चाहते थे अपितु वो समाज में फैली असमानता , पूंजीवाद , रूढ़िवाद , अंधविश्वास , सांप्रदायिकता जातिभेद को भी जड़ से उखाड़ कर इन से लोगो को मुक्त करना चाहते थे । उन का दर्शन और विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
भगत सिंह पर तरुण अवस्था में ही रूस की क्रांति का बहुत गहरा असर पड़ा और वो एक समाजवादी व्यवस्था को देश में लाने के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने दुनिया भर के बेहतरीन दार्शनिक और विचारकों की पुस्तकों का अध्ययन किया और अपनी विश्लेषण प्रतिभा से अपनी एक विचारधारा स्थापित की जो युगों तक प्रासंगिक रहेगी । उन के लेख उस समय लोगों में क्रांति के बीज बोने का आधार बने ।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए उन के लेखों को पढ़ना और विशेष कर उन की लिखी मैं नास्तिक क्यों हूं को पढ़ना बेहद जरूरी है। गरीबों , किसानों , मजदूरों और वंचित वर्ग की समस्याओं को तार्किक ढंग से समझने के लिए उन के लेख आज भी बहुत प्रासंगिक हैं। मात्र 23 वर्ष की आयु में फांसी का फंदा चूमने वाले इस महान शहीद को सदियों तक याद किया जाएगा ।
चर्चा में सभी साथियों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया विशेष कर सुमित पाल सिंह, लक्ष्मण विनायक, नवतेज गांधी,सुरजीत सिंह , राजेश बिन्द्रा, गौरव शर्मा , लखबीर सिंह ने भगत सिंह से सम्बन्धित कई बातों पर वृहद चर्चा की । बलबीर सिंह जी ने चर्चा के दौरान कई सवालों का अपनी विद्वता से कई दृष्टांत दे कर बेहद माकूल जवाब दिया। चर्चा बेहद सार्थक और ज्ञानवर्धक रही ।
इस चर्चा में उपरोक्त साथियों के अतिरिक्त नवीन गांधी, एडवोकेट राजबीर , ललित चोपड़ा ,रोशन लाल कोचर , जसवंत सिंह ,जोगिंदर शर्मा , संदीप मेहता , दिनेश आदि शामिल रहे।
आगामी 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती पर विशेष चर्चा करने का निर्णय लिया गया।
