रणबीर सिंह दहिया की कविता – सेहत हमारी

कविता

सेहत हमारी

रणबीर सिंह दहिया

हमारे देश की सेहत की चर्चा

पूरी दुनिया में हो रही है

दूसरे देशों के लोग यहां पर

इलाज करवाने आ रहे हैं

अपोलो सपोले पांच सितारा

अस्पतालों का बोलबाला है

मेडिकल टूरिज्म का कमाल है

जनता इलाज के लिए रो रही है

विश्व बैंक का हरेक देशवासी पर

तीस हजार सात सौ छिहत्तर का

खर्च बताया जा रहा है आज

प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य पर खर्च

भारत में बहुत कम किया जा रहा

फिर भी सेहतवान होने का

हर रोज हम भरते रहते दम

कांगो जहां 10 साल से

कोई सरकार नहीं बताई

वहां से भी कम खर्च हमारा

देश सरकार क्यों ढ़ो रहा है

दूसरे विकसित देशों में भी

सेहत पर 80%

खर्च सरकार करती कहते हैं

भारत देश में बस 20%

खर्च करे है सरकार हमारी

अमीर तो पैसा फैंक करवाएं

जहां चाहे वहां से उपचार

गरीब क्या करे कहां जाए

जब हो जाए वह बीमार?

(कई साल पहले की रचना)
0