हिसार में जनवादी महिला समिति, महिला कांग्रेस का धरना, प्रधानमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन
- महिलाओं ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण तुरंत लागू करने की मांग की
हिसार। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति जिला कमेटी हिसार और जिला हिसार महिला कांग्रेस की सदस्यों ने विधायिका (संसद और विधानसभाओं ) मे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर वीरवार (30 अप्रैल) को जिला मुख्यालय पर धरना दिया और जिला प्रसाशन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। महिलाओं के आंदोलन को डेमोक्रेटिक फॉर्म से रिटायर्ड प्रिंसीपल सत्यवीर , रमेश शर्मा , चाँदगीराम, फ़ायरबिर्गेड के कर्मचारियों ने समर्थन दिया।
इस मौके पर जनवादी महिला समिति की जिला सचिव बबली लाम्बा ने कहा कि अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति और अन्य प्रगतिशील संगठन संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के लिए हुए ‘दशकों लंबे संघर्ष’ में सक्रिय भागीदार रहे है।
यह ऐतिहासिक संघर्ष हजारों प्रदर्शनों, रैलियों, विरोध प्रदर्शनों, धरनों और याचिकाओं के माध्यम से हुआ था। लंबे संघर्षों के बाद 2023 में लोकसभा में नारी शक्ति वंदन बिल पास कर दिया गया था लेकिन इसे आगामी जनगणना व परिसीमन से जोड़ दिया गया।
दरअसल केंद्र सरकार की मंशा 33 महिला आरक्षण को लागू करने की नहीं थी। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय जनवादी महिला ,कांग्रेस महिला विंग, सावित्री बाई फूले संगठन समिति व अन्य प्रगतिशील हिस्सों ने तब भी केंद्र सरकार की इस चाल का विरोध किया गया था तथा महिला आरक्षण उसी दिन से लागू करने की मांग की गई थी।
बबली ने बताया कि 21 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार ने लोकसभा का विशेष सत्र बुलाया परंतु बड़े खेद की बात है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति वंदन कानून के बहाने परिसीमन को लागू करवाना था। इसके लिए किसी भी विपक्षी पार्टी से विमर्श करने की जरूरत नहीं समझी गई। अतः लोकसभा में बिल पास नहीं हो पाया। मोदी सरकार “नारी शक्ति” का उपयोग केवल अपने राजनीतिक एजेंडा, यानी परिसीमन, को लागू करने के लिए कर रही थी।
वक्ताओं ने मांग की कि संसद द्वारा विपक्ष के समर्थन से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को बिना किसी देरी और शर्त के तुरंत लागू किया जाए। आरक्षण को लागू करने के लिए परिसीमन की शर्त महिलाओं के उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व को रोकती है और केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है। इस ज्ञापन के माध्यम से हम मांग करते हैं कि संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को तत्काल लागू किया जाए। क्रियान्वयन को जनगणना और परिसीमन से जोड़ने की शर्त तुरंत हटाई जाए। इस कानून के क्रियान्वयन के लिए पारदर्शी और समयबद्ध रोडमैप प्रस्तुत किया जाए।
ज्ञापन देने वालों में जिला प्रधान विद्या , राज्य उप प्रधान शकुन्तला जाखड़, जिला कैशियर निर्मला , सर्वजीत कौर, कमला, कांग्रेस जिला नेत्री सन्तोष जून, कृष्णा दुगल इनेलो नेत्री रेनू सूरा, सावित्री बाई फूले संगठन की नेत्री कमलेश राय व उनकी टीम एवं जिला कोषाध्यक्ष शामिल रहीं।
