प्रयास नाट्य मंच ने गांव काकौत में मंचित किया नाटक ‘रब राखा’’
ग्रामीण दर्शक बड़ी संख्या में नाटक देखने पहुंचे, कलाकारों का बढ़ाया उत्साह
पिछले दिनों विश्व थिएटर दिवस पर प्रयास नाट्य मंच की ओर से गाँव काकौत स्थित हनुमान मंदिर के सभागार में भारत-पाक विभाजन की त्रासदी पर आधारित बहुचर्चित नाटक ‘रब राखा’ का अत्यंत प्रभावशाली और भावुक मंचन किया गया। दर्शकों की भरपूर भीड़ ने पूरे नाटक को गहरी एकाग्रता और भावुकता के साथ देखा।


नाटक विभाजन की उस भयावह रात को जीवंत रूप से प्रस्तुत करता है, जब दोनों तरफ के निर्दोष लोग अपनी जन्मभूमि, घर-बार, खेत-खलिहान और अपने सगे-संबंधियों को मजबूरी वश छोड़कर पलायन को विवश हो गए। नाटक में दिखाया गया कि कैसे राजनीतिक फैसलों की कीमत आम आदमी को अपनी जान-माल और रिश्तों के रूप में चुकानी पड़ती है।

नाटक के कुछ संवाद दर्शकों को गहरे सोचने पर मजबूर कर गए, खासकर वह प्रसिद्ध पंक्ति जो आज भी प्रासंगिक है:“लोग फैसले नहीं लेते… फैसला तो सरकारें लेती हैं, और खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है।”
नाटक में मुख्य भूमिकाओं में शानदार अभिनय किया हिम्मत, तुषार, अनमोल, देवांशी, तृप्ति, अंजलि, रेयान, गौरांश, मुस्कान तथा करण ने। सभी कलाकारों ने अपनी भूमिका को इतनी सजीवता से निभाया कि दर्शक कई बार भावुक हो उठे।
नाटक का निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी महीपाल पठानिया ने कुशलतापूर्वक किया। कला व संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का संयोजन राजेश भारती द्वारा किया गया।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी कलाकारों को सम्मानित किया गया। सम्मान प्रदान करने वालों में महंत शिवम गिरी तथा सरपंच करण सिंह शामिल रहे।
प्रयास नाट्य मंच का यह प्रयास स्थानीय स्तर पर सार्थक साबित हुआ और दर्शकों ने नाटक की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी ऐसे सार्थक नाटकों की माँग की।

रिपोर्टः राजेश भारती

शुक्रिया सर।
रिपोर्ट के लिए।