मुनेश त्यागी का गीत – ए भगत सिंह तुम जिंदा हो

शहीद दिवस पर विशेष गीत

ए भगत सिंह तुम जिंदा हो

 

मुनेश त्यागी

 

ए भगत सिंह तुम जिंदा हो

हर एक लहू  के  कतरे  में

भींची  हुई   हर   मुट्ठी   में

हर  इंकलाब  के   नारे  में

ए भगत सिंह तुम जिंदा हो।

 

सूरज और चांद सितारों  में

हां मेहनतकशों के  नारों  में

जनता के सब अधिकारों में

हां कम्युनिस्टों  के  नारों  में

ए भगत सिंह तुम जिंदा हो।

 

लेनिन की  मुड़ी  किताबों में

राजगुरु सुखदेव आजादों में

बिस्मिलों और अशफ़ाक़ों में

रक्त   से   सने   फरहैरों   में

ए भगत सिंह तुम  जिंदा हो।

 

आजादी   की   लहरों   में

भारत  छोड़ो  के  नारों  में

नौसेना   के   विद्रोहों    में

आजाद हिंद की फौजों में

ए भगत सिंह तुम जिंदा हो।

 

संसद   में   फैंके  पर्चों   में

जन गण मन की हुंकारों में

छात्रों किसानों  मजदूरों  में

जनता के सब अरमानों  में

ए भगत सिंह तुम जिंदा हो।

 

ए भगत सिंह तुम जिंदा हो

हर एक  लहू  के  कतरे  में

भिंची  हुई    हर   मुट्ठी   में

हर   इंकलाब   के  नारे  में

ए भगत सिंह तुम जिंदा हो।


 

लेखक- मुनेश त्यागी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *