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ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – जै सनातन! जै सनातन!  दे दनादन! दे दनादन!!

कविता जै सनातन! जै सनातन! दे दनादन! दे दनादन!! ओमसिंह अशफ़ाक 1. सन्तो राष्ट्रवाद की आई आंधी उड़ गए नेहरू, उड़…