HomeBlogमंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! मंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! 14 October 202514 October 2025Pratibimb Media कविता अंत तो मौत है! मंजुल भारद्वाज अंत तो मौत है आओ जी कर देखते हैं ! माना उसके पास सत्ता है,व्यवस्था है उसका हारना कठिन हो पर, आओ ललकार कर देखते हैं ! शरीर भोग है जलकर मिलेगा ख़ाक में आओ चेतना की चिंगारी से दुनिया में उजाला करते हैं! Post Views: 160
बुद्धदेव भट्टाचार्य को व्यक्तिगत ईमानदारी के विमर्श से परे देखना पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य का पिछले दिनों निधन हो गया। वह ज्योति बसु के बाद माकपा नीत…
भूले बिसरे खिलाड़ी : शानदार लेग स्पिनर वामन कुमार भूले बिसरे खिलाड़ी शानदार लेग स्पिनर वामन कुमार आज जिक्र करते हैं 1960 के दशक के उस शानदार लेग-स्पिनर का,…
हिन्दी आलोचना में योगदान के लिए विमल वर्मा को याद किया हिन्दी आलोचना में योगदान के लिए विमल वर्मा को याद किया कुरुक्षेत्र में मार्क्सवादी आलोचक और सम्पादक विमल वर्मा की…