HomeBlogमंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! मंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! 14 October 202514 October 2025Pratibimb Media कविता अंत तो मौत है! मंजुल भारद्वाज अंत तो मौत है आओ जी कर देखते हैं ! माना उसके पास सत्ता है,व्यवस्था है उसका हारना कठिन हो पर, आओ ललकार कर देखते हैं ! शरीर भोग है जलकर मिलेगा ख़ाक में आओ चेतना की चिंगारी से दुनिया में उजाला करते हैं! Post Views: 201
कुलभूषण उपमन्यु की कविता – किसान कविता किसान कुलभूषण उपमन्यु खो गया है किसान जो हुआ करता था कभी सबके हिस्से की रोटी का रखवाला और…
उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली विस्फोट के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली विस्फोट के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने यहां लाल किले के निकट…
अगर आप रात में देर तक जागते हैं तो आपकी दिमागी क्षमता कमजोर होने का खतरा अगर आप रात में देर तक जागते हैं तो आपकी दिमागी क्षमता कमजोर होने का खतरा नयी दिल्ली। अगर आप…