HomeBlogमंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! मंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! 14 October 202514 October 2025Pratibimb Media कविता अंत तो मौत है! मंजुल भारद्वाज अंत तो मौत है आओ जी कर देखते हैं ! माना उसके पास सत्ता है,व्यवस्था है उसका हारना कठिन हो पर, आओ ललकार कर देखते हैं ! शरीर भोग है जलकर मिलेगा ख़ाक में आओ चेतना की चिंगारी से दुनिया में उजाला करते हैं! Post Views: 227
कैलाश गांव में राष्ट्रीय स्तर का हॉकी स्टेडियम बनकर तैयार, जल्द किया जाएगा लोकार्पण : मनोहर लाल साढ़े 6 एकड़ भूमि में करीब 18 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से बना राष्ट्रीय स्तर का हॉकी स्टेडियम…
छोटे लम्हे, बड़ी सीख (6) समय – समाज छोटे लम्हे, बड़ी सीख (6) डॉ रीटा अरोड़ा 1. पुराना गाना रेडियो पर पुराना गाना बजा,…
आरबीआई ने लगातार दूसरी बार रेपो दर में की कटौती; आवास, वाहन कर्ज होंगे सस्ते वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को भी 6.7 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर…