HomeBlogमंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! मंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! 14 October 202514 October 2025Pratibimb Media कविता अंत तो मौत है! मंजुल भारद्वाज अंत तो मौत है आओ जी कर देखते हैं ! माना उसके पास सत्ता है,व्यवस्था है उसका हारना कठिन हो पर, आओ ललकार कर देखते हैं ! शरीर भोग है जलकर मिलेगा ख़ाक में आओ चेतना की चिंगारी से दुनिया में उजाला करते हैं! Post Views: 195
सर्व कर्मचारी संघ का आरोप- सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के फैसलों की अवमानना कर रही हरियाणा सरकार- सर्व कर्मचारी संघ का आरोप- सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के फैसलों की अवमानना कर रही हरियाणा सरकार रोहतक में…
इस्माइली मुस्लिम समुदाय के आध्यात्मिक नेता आगा खां चतुर्थ का 88 वर्ष की आयु में निधन आगा खां के अनुयायी उन्हें पैगंबर मुहम्मद का वंशज मानते हैं आगा खां चतुर्थ का मंगलवार को निधन हो…
दीपक वोहरा की कविता- तुम और तुम्हारी याद कविता तुम और तुम्हारी याद दीपक वोहरा जब तुम पास नहीं होती तो तुम्हारी याद चली आती है …