जस्टिस मदान लोकुर SC और HC के पूर्व जजों वाले स्वतंत्र SIR समीक्षा पैनल की अध्यक्षता करेंगे
नई दिल्ली। ‘लॉयर्स एसोसिएशन फॉर कॉन्स्टिट्यूशन’ (एलएसीएफ) ने एक बयान में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मदन बी. लोकुर की अध्यक्षता वाला पांच सदस्यीय आयोग वोटर लिस्ट में बदलाव की प्रक्रिया की संवैधानिक और कानूनी वैधता, तौर-तरीकों और इसके कुल असर की जांच करेगा।
वकीलों के एक संगठन ने चुनाव आयोग (ईसी) की ओर से वोटर लिस्ट में किए गए ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के पूर्व जजों का एक पैनल बनाया है।

‘लॉयर्स एसोसिएशन फॉर कॉन्स्टिट्यूशन’ (एलएसीएफ) ने एक बयान में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मदन बी. लोकुर की अध्यक्षता वाला पांच सदस्यों का यह आयोग वोटर लिस्ट में बदलाव की प्रक्रिया की संवैधानिक और कानूनी वैधता, काम करने के तरीके और कुल असर की जांच करेगा।
संगठन ने कहा, “वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) पर पूर्व जजों का यह नया बना स्वतंत्र आयोग पूरी आज़ादी के साथ काम करेगा और SIR प्रक्रिया की संवैधानिक और कानूनी वैधता, काम करने के तरीके और योग्य वोटरों पर इसके कुल असर की जांच करेगा।”
लोकुर के अलावा, इस पैनल में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ए.के. पटनायक, जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस बदर दुर्रेज़ अहमद और पूर्व जज रेखा शर्मा व अंजना प्रकाश शामिल होंगे।


विज्ञप्ति के अनुसार, आयोग अन्य मुद्दों के साथ-साथ इस बात की भी जांच करेगा कि क्या योग्य नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट में बने हुए थे और क्या अयोग्य लोगों के नाम सही तरीके से हटाए गए थे।


अपनी जांच के तहत, आयोग देश भर में जन-सुनवाई करने की योजना बना रहा है। इसके लिए आयोग की पूरी और क्षेत्रीय बेंच अलग-अलग जगहों पर जाकर प्रभावित नागरिकों, सिविल सोसाइटी संगठनों और विशेषज्ञों की राय और बयान दर्ज करेंगी।
एलएसीएफ ने कहा कि कमीशन अपनी खोज और सुझावों के लिए खुद ज़िम्मेदार होगा।
उसने कहा कि कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण, चंद्र उदय सिंह, प्रशांतो चंद्र सेन, राजू रामचंद्रन, रेबेका मामेन जॉन, वारिशा फ़रासत और वृंदा ग्रोवर समेत कई सीनियर वकील कमीशन को कानूनी सलाह देंगे।
