फतेहाबाद में तर्कशील सोसायटी हरियाणा का कार्यक्रम
शहीद भगत सिंह की जयंती पर वैज्ञानिक चेतना का संदेश दिया
फतेहाबाद। शहीदे आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिठमडा,जिला फतेहाबाद के प्रांगण में तर्कशील सोसायटी हरियाणा द्वारा अंधविश्वासों का पर्दाफाश कार्यक्रम का आयोजन किया गया>

कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम सुधार समिति के प्रधान ईश्वर सिंह एडवोकेट एवं, समाजसेवी मास्टर रामफल शर्मा ने अध्यक्ष मंडल संयुक्त रूप से की तथा मंच संचालन कामरेड मिया सिंह व सतीश जांगड़ा द्वारा किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. सुरेंद्र सेलवाल, मुख्य अतिथि मास्टर रामहेर सिंह समाजसेवी बिठमडा थे। इस मौके पर गायक जयपाल सिंह दनोदा द्वारा क्रांतिकारी गीत पेश किए गए।
इस अवसर पर तर्कशील सोसाइटी हरियाणा के प्रचार सचिव फरियाद सिंह सनियाणा, रामप्रसाद मुगलपुरा व पारस सनियाणा द्वारा जादू के ट्रिक्स का कार्यक्रम दिखाया गया। इसमें मुख्य रूप से इंद्रजाल, बर्फ पर दूध उबालना, हवा से अंगूठी निकलना और हवा में उसे गायब करना, आग खाना, मंत्रों से आग जलाना आदि बड़ी संख्या में कार्यक्रम दिखाए गए। स्टेज पर इनके जरिये इन करतबों के रहस्य को खोलकर बताया गया कैसे कुछ पाखंडी लोग भोली भाली जनता का विज्ञान के द्वारा फायदा उठाकर उसे पाखंड के रूप में पेश करके आर्थिक, सामाजिक, और शारीरिक शोषण करते हैं।
उन्होंने पाखंडी बाबाओं और इस तरह के कार्य करने वालों को चुनौती दी की कोई भी दिव्य शक्ति का दावा करने वाला, चमत्कार करके दिखाए तो तर्कशील सोसायटी हरियाणा और देश भर कार्यरत तर्कशील संस्थाएं एक करोड़ रुपये का इनाम देगी। उन्होंने जनता से आह्वान किया की चमत्कार केवल हाथ की सफाई होती है चमत्कार के नाम पर हरेक दिव्य शक्ति का दावा करने वाला सामान अपने पास रखता है और फिर हाथ की सफाई से हवा में से निकाल कर लोगों को बेवकूफ बनाता है। इसलिए अपने बच्चों को पढ़ाओ, वैज्ञानिक शिक्षा दो, नशाखोरी और सामाजिक बुराइयों, पाखंडवाद से बच्चों को दूर रखें ।

शहीदे आजम भगत सिंह का यही संदेश था कि जब तक गरीब से गरीब आदमी को शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार मिलना चाहिए। सिर ढकने के लिए के लिए छत, और पेट भरने के लिए रोटी और मूलभूत सुविधाएं सबको बराबर मिलें। वे समाजवाद के पक्षधर थे अंधविश्वास और रूढ़िवादी विचारधारा से दूर थे और उन्होंने ने केवल अंग्रेजों को भगाने के लिए हंसते-हंसते अपनी जान की कुर्बानी दी बल्कि उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था देश तो आजाद हो जाएगा परंतु हमारे लोगों को सामाजिक, आर्थिक,बोलने,पढ़ने और लिखने का अधिकार जब तक नहीं मिलेगा आजादी अधूरी होगी।
इस सब के लिए भी हमें संघर्ष करना होगा आज हम देख रहे हैं देश में जाति , धर्म का नाम से मंदिर, मस्जिद के नाम से मेहनतकश जनता को लड़ाकर अपना उल्लू सीधा किया जा रहा है इसलिए शहीद ए आजम भगत सिंह के सपनों का भारत बनाने के लिए हमें उनके बताएं रास्ते पर चलना होगा
इस अवसर पर धर्मवीर सिंह पूर्व बी,डी,सी, मेंबर, शमशेर सिंह बिठमडा, गुरदेव सिंह सोढ़ी, सुबे सिंह धतरवाल, सुखदेव सिंह, राजपाल सिंह गिल समैन, श्री बदलू राम सेलवाल, कपिल सेलपाड पंच, कुलदीप सिंह सेलवाल, आदि बड़ी संख्या में महिला पुरुषों में भाग लिया।
