बलजीत सिंह बेनाम की गजल
तू नहीं है तेरा ख़्याल नहीं!
ज़िंदगानी में अब बवाल नहीं!
जंग लड़ना मुझे गवारा पर!
बेबसों को बना के ढाल नहीं!
ऐसे लीडर को लानतें भेजो!
चल सका जो सियासी चाल नहीं!
पा लिया जो ख़ुदा की रहमत थी!
खो दिया तो किया मलाल नहीं!
भूख का मसअला सुलझ जाए!
इतना सीधा भी ये सवाल नहीं!
