रणबीर सिंह दहिया की रागनी- म्हारी कुर्बानी
म्हारी कुर्बानी हरियाणा मैं एक दिन रंग लयावैगी।
झूठ की हाण्डी फूटैगी साच खूब्बै सम्मान पावैगी।।
1
किसान आन्दोलन बढ़ैगा या धरती भीड़ी होज्यागी
किसान के बेटे पुलिस मैं उनकी आत्मा रोज्यागी
सरकार खोखली होज्यागी जमा मूँह की खावैगी।।
झूठ की हाण्डी फूटैगी साच खूब्बै सम्मान पावैगी।।
2
बन्द एम आई टी सी कई औरों का नम्बर आया सै
पीस्से कोन्या तनखा के कदम ज्यां करड़ा ठाया सै
हरियाणा दां पै लाया सै या वारी समझ मैं आवैगी।।
झूठ की हाण्डी फूटैगी साच खूब्बै सम्मान पावैगी।।
3
हमने सोचना बन्द करया या गलती करदी भारी
इस अेहदी पन के कारण गई म्हारी खाल उतारी
विचार की ताकत न्यारी या म्हारी चेतना जगावैगी।।
झूठ की हाण्डी फूटैगी साच खूब्बै सम्मान पावैगी।।
4
बढ़िया इन्सान किसा हो सै इसपै विचार करांगे रै
सुन्दर समाज का सपना इसमें पूरे रंग भरांगे रै
आपस में नहीं लड़ांगे रै बात रणबीर की भावैगी।।
झूठ की हाण्डी फूटैगी साच खूब्बै सम्मान पावैगी।।
