जसवीर त्यागी की दो कविताएँ
जुड़ाव
कितने पत्तें
डाल से जुड़े होते हैं
कितनी छोटी डालें
बड़ी डालों के कंधों पर सवार रहती हैं
कितनी छोटी-बड़ी डालें
एक तने से आबद्ध रहती हैं
और एक तना
न जाने कितनी जड़ों के सिर पर सवार रहता है
दुनिया में बहुत कुछ
परस्पर एक-दूजे से बंधा है
तभी वह जिंदा है।
सुंदर दुनिया
एक बुजुर्ग को
सड़क पार करवायी
हम दोनों एक-दूसरे को जानते न थे
फिर भी दोनों ने
एक-दूजे की तरफ हाथ बढ़ाया
जब तक इस पृथ्वी पर
दो अजनबी हाथ
एक-दूसरे को थामते रहेंगे
तब तक
यह दुनिया सुंदर रहेगी।
