लघु कथा
परिचय
डॉ रीटा अरोड़ा
“इनसे मिलिए,” समारोह के संचालक ने मुस्कुराते हुए कहा, “इनके बड़े बेटे अमेरिका में सर्जन हैं, बेटी बेंगलुरु की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में वरिष्ठ अधिकारी है और छोटा बेटा गुरुग्राम में बड़ा उद्योगपति है।”
तालियों की गूँज देर तक सुनाई देती रही।
कार्यक्रम के बाद एक महिला उनके पास आई, “आपको अपने बच्चों पर बहुत गर्व होता होगा?”
उन्होंने हल्की मुस्कान के साथ कहा, “हाँ… लोग मेरा परिचय हमेशा मेरे बच्चों की सफलता से ही शुरू करते हैं।”
“और फिर?”
उन्होंने कुछ पल चुप रहकर उत्तर दिया, “फिर जब रात को घर लौटता हूँ, तो वही परिचय मेरी खामोशी में खत्म हो जाता है।”
महिला ने धीरे से पूछा, “मतलब?”
उन्होंने नम आँखों से कहा, “मेरे बच्चों के पते सबको याद हैं… बस मेरे घर का दरवाज़ा अब कम ही किसी को याद रहता है।”
कुछ क्षणों के लिए दोनों मौन रहे। उस मौन ने उनकी पूरी जीवन-कथा कह दी।
