छोटे लम्हे, बड़ी सीख (9)
Small Moments, Big Lessons (9)
बेटी की शादी के बाद माँ रोज़ उसका कमरा साफ करती थी।
कमरा खाली था, पर माँ का मन नहीं मानता था।
सीख: कुछ रिश्ते दूर होकर भी घर में बसे रहते हैं।
छोटे लम्हे- बड़ी सीख डॉ रीटा अरोड़ा मां सीख
डॉ रीटा अरोड़ा
1. आख़िरी रोटी
माँ ने पूछा-“और रोटी लोगे?”
सबने खा ली, आखिर में माँ ने अचार से खाना खाया।
सीख: माँ पेट से नहीं, परिवार के तृप्त होने से भर जाती है।
2. पुराना स्वेटर
बेटी ने कहा-“पापा, ये स्वेटर अब पुराना हो गया।”
पापा मुस्कुराए-“तुमने ही तो दिया था पहली तनख्वाह से।”
सीख: प्यार से मिली चीज़ें कभी पुरानी नहीं होतीं।
3. देर से लौटना
बेटा देर रात घर आया।
पिता सोने का नाटक कर रहे थे।
दरवाज़ा खुलते ही बोले-“खाना गरम कर दूँ?”
सीख: पिता चिंता कम दिखाते हैं, निभाते ज़्यादा हैं।
4. पुरानी किताब
किताब के बीच में सूखा गुलाब मिला।
वो किसी की याद चुपचाप सँभाले बैठा था।
सीख: कुछ यादें शब्दों से नहीं, चीज़ों में महकती हैं।
5. छोटी जीत
बेटी ने पहली बार खाना बनाया।
नमक ज़्यादा था, फिर भी पिता बोले-“आज का खाना सबसे अच्छा है।”
सीख: अपने बच्चों की कोशिश, माता-पिता को हमेशा खूबसूरत लगती है।
6. ठंडी चाय
माँ की चाय हमेशा ठंडी हो जाती थी।
सबको गरम चाय देने में वो खुद की भूल जाती थी।
सीख: माँ अक्सर खुद को सबसे आखिर में रखती है।
7. पुराना मोबाइल
पिता का मोबाइल बार-बार अटक रहा था।
फिर भी बोले-“मेरा काम चल जाता है।”
और बेटे के लिए नया फोन ले आए।
सीख: माता-पिता अपनी खुशियाँ टाल देते हैं, बच्चों की मुस्कान के लिए।
8 . खाली कमरा
बेटी की शादी के बाद माँ रोज़ उसका कमरा साफ करती थी।
कमरा खाली था, पर माँ का मन नहीं मानता था।
सीख: कुछ रिश्ते दूर होकर भी घर में बसे रहते हैं।
