कविता
बिसात के उस पार
अनुपम शर्मा
दुनिया एक शतरंज है
हर प्यादा अपनी-अपनी चाल चल रहा है।
जब तक हम
अपनी सीमाओं का सम्मान करते हैं
शांति बनी रहती है।
सीमाओं का उल्लंघन होते ही
युद्ध शुरू हो जाता है।
दोनों ओर के प्यादे
एक-एक कर गिरते जाते हैं।
युद्ध में हार
दोनों पक्षों की होती है
क्योंकि जीतने वाले के पास भी
जश्न मनाने के लिए
प्यादे नहीं बचते।
राजा
अकेला ही
अपनी जीत का जश्न मनाता है।
इसलिए
शतरंज केवल एक खेल नहीं
जीवन का दर्पण है।
जो हमें सिखाता है—
मर्यादा का सम्मान
नियमों का अनुशासन
और यह भी कि
सबसे बड़ी जीत
राजा की नहीं
प्यादों के बच जाने की होती है।
