Blogसमय/समाजसामाजिक/ सांस्कृतिक रिपोर्ट

व्यक्तिवाद का विष: ‘मैं’ ने निगल लिया ‘हम’ को

व्यक्तिवाद का विष: ‘मैं’ ने निगल लिया ‘हम’ को अधिकार तो सीख लिए… लेकिन रिश्ते निभाना भूल गए डॉ रीटा…

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संगत का असर: हम किसके साथ बैठते हैं, वही हमारी सोच गढ़ता है

समय – समाज संगत का असर: हम किसके साथ बैठते हैं, वही हमारी सोच गढ़ता है जिंदगी की दिशा बड़े…