Blogगीत ग़ज़लसाहित्य/पुस्तक समीक्षा जयपाल की नज्म- डर लगता है नज्म डर लगता है जयपाल उठ रहा है दोस्तों यह धुआँ-सा कैसा धुआँ देखकर ही अब डर लगता है… Pratibimb Media21 June 2026
साहित्यिक रिपोर्ट /संगोष्ठीहरियाणा यथार्थ के आरपार देखतीं और पाठकों से संवाद करतीं कवि जयपाल की कविताएं कोटा/राजस्थान से अनियतकालीन पत्रिका ‘अभिव्यक्ति’ के संपादक श्री ‘महेन्द्र नेह’ की कवि ‘जयपाल’ के कविता संग्रह– ‘कविता भी तुम्हें देखती… Pratibimb Media11 March 2026