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ओमसिंह अशफ़ाक की कविता- मुल्क की गेल मखौल ना कर !

कविता मुल्क की गेल मखौल ना कर ! ओमसिंह अशफ़ाक दिके दिन-धौली़ तू रौल़ ना कर ! म्हारे मुल्क की…