Blogसाहित्य/पुस्तक समीक्षा जयपाल की कविता समय के सच का शब्द चित्र है पुस्तक समीक्षा जयपाल की कविता समय के सच का शब्द चित्र है मोहन बेगोवाल जयपाल का सद्य-प्रकाशित कविता… Pratibimb Media24 February 2026
Blogसाहित्य/पुस्तक समीक्षा समय की शिराओं में धड़कती कविता : जयपाल का काव्य-संसार पुस्तक समीक्षा समय की शिराओं में धड़कती कविता : जयपाल का काव्य-संसार प्रतिरोध, पुनर्सृजन और मानवीय अस्मिता का विमर्श … Pratibimb Media18 February 202618 February 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत जयपाल की पाँच कविताएँ जयपाल की पाँच कविताएँ 1 .”पगड़ी” पाँच साल बाद आज फिर नेता जी आ गए हैं साथ… Pratibimb Media10 February 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा जयपाल की चार कविताएं -कामरेडों के अंग-संग जयपाल की चार कविताएं -कामरेडों के अंग-संग (1) कामरेड की गठरी ज्ञान की गठरी का पहाड़ जिसे न कभी… Pratibimb Media3 February 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत जयपाल की कुछ अत्यंत छोटी कविताएं जयपाल की कुछ अत्यंत छोटी कविताएं 1 श्मशान जय -जवान जय -किसान सुनते-सुनते रोया श्मशान 2 परछाई… Pratibimb Media26 January 202626 January 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत जयपाल की कविता जिंदगी का सूरज व अन्य तीन कविताएं जयपाल की कविता जिंदगी का सूरज व अन्य तीन कविताएं 1 जिंदगी का सूरज खिलखिलाते खेलते बच्चे हवा, धूप,… Pratibimb Media23 January 202624 January 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत जयपाल की दो कविताएं जयपाल की दो कविताएं 1 रसद युद्ध के बाद एक सैनिक-शिविर में रसद भेजी गई कुछ दवाईयां, कुछ कपड़े… Pratibimb Media22 January 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत जयपाल की दो लघुकथाएँ जयपाल की दो लघुकथाएँ लघुकथा-1 आंटियां सब्जी वाला आता।गली की औरतें रेहड़ी घेर लेती।सब्जी में मीन-मेख निकालती..किसी सब्जी को… Pratibimb Media13 January 202613 January 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा जयपाल की लघुकथा- घर लघुकथा घर जयपाल उस दिन रेत के ढेर के पास बैठकर मैंने रेत का एक घर बनाया था। स्कूल के… Pratibimb Media9 January 2026
Blogसाहित्य/पुस्तक समीक्षा दलित समाज की पीड़ा को व्यक्त करतीं कविताएं पुस्तक समीक्षा दलित समाज की पीड़ा को व्यक्त करतीं कविताएं मंजीत सिंह पिछले दिनों हरियाणा के चर्चित कवि जयपाल जी… Pratibimb Media8 January 20268 January 2026