Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत

मंजुल भारद्वाज की कविता- कभी सहेली कभी पहेली

कविता कभी सहेली कभी पहेली -मंजुल भारद्वाज ज़िंदगी तुम मुझे हर रोज़ अजनबी की तरह मिलती हो कभी सुलझी कभी…

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एस.पी. सिंह की कविता- खुशियों की खिड़कियां, दर्द के दरवाज़े

कविता खुशियों की खिड़कियां, दर्द के दरवाज़े एस.पी. सिंह वो आदमी — जिसने अपने हिस्से की धूप को छाँव समझ…

Blogसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

जयपाल के काव्य-संग्रह “बंद दरवाजे” का समग्र विश्लेषण

पुस्तक समीक्षा जयपाल के काव्य-संग्रह “बंद दरवाजे” का समग्र विश्लेषण एस.पी.सिंह जयपाल की कविताएँ केवल साहित्य नहीं, बल्कि भारत के…

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मुनेश त्यागी की कविता- आज के असली रावण

कविता- आज के असली रावण मुनेश त्यागी   दंगे झूठ छल हिंसा। कपट दहेज हत्याएं महंगाई। मक्कारी भ्रष्टाचार प्रांतीयता जातिवाद।…

Blogसाहित्यिक रिपोर्ट /संगोष्ठी

पीड़ा और प्रतिरोध का दस्तावेज़ है ‘बंद दरवाज़े’की कविताएः  डॉ. अशोक भाटिया

पीड़ा और प्रतिरोध का दस्तावेज़ है ‘बंद दरवाज़े’की कविताएः  डॉ. अशोक भाटिया कुरुक्षेत्र में जयपाल के कविता संग्रह पर समीक्षा…

Blogसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

लघुकथा ‘सरदार’ : भाषा की अस्मिता पर प्रहार और विचार का उद्घाटन

समीक्षा लघुकथा ‘सरदार’ : भाषा की अस्मिता पर प्रहार और विचार का उद्घाटन  एस.पी. सिंह डॉ. अशोक भाटिया की लघुकथा…

Blogसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

पुरस्कार स्वीकृति रचनाकार का सत्ता अनुकूलन है! 

पुरस्कार स्वीकृति रचनाकार का सत्ता अनुकूलन है! – मंजुल भारद्वाज किसी भी पुरस्कृत लेखक को पढ़ना सत्ता के षड्यंत्र में…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतपर्यीवरण/जलवायु

आज जल,जंगल,ज़मीन बचाना ही सबसे बड़ी देश,मानवता और पृथ्वी सेवा है !

आज जल,जंगल,ज़मीन बचाना ही सबसे बड़ी देश,मानवता और पृथ्वी सेवा है – मंजुल भारद्वाज मनुष्य विशेष कर मध्यमवर्ग संतुलन बनाने…