सर्व कर्मचारी संघ का आरोप- सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के फैसलों की अवमानना कर रही हरियाणा सरकार
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रोहतक में कच्चे कर्मचारियों की प्रदेश स्तरीय कन्वेंशन आयोजित
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कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की नीति लागू नहीं होने से कर्मचारियों में भारी रोष
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30 जुलाई को सभी जिला मुख्यालयों पर होंगे विशाल प्रदर्शन, जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री आवास पर होगा डेरा*
रोहतक। माननीय सुप्रीम कोर्ट एवं पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा सरकारी विभागों में वर्षों से कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने के संबंध में दिए गए स्पष्ट निर्णयों के बावजूद हरियाणा सरकार द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने के खिलाफ सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने आज 17 मई को कर्मचारी भवन, हनुमान कॉलोनी, सुखपुरा चौक, रोहतक में कच्चे कर्मचारियों की प्रदेश स्तरीय कन्वेंशन आयोजित की।

कन्वेंशन की अध्यक्षता राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने की जबकि संचालन महासचिव कृष्ण नैन ने किया। कन्वेंशन में विशेष रूप सी आई टी यू के महासचिव जय भगवान, वरिष्ठ नेता सतवीर सिंह, सीडीपीओ एसोशियसन की पूर्व राज्य प्रधान सविता मलिक उपस्थित रही तथा प्रदेशभर की जिला कमेटियों एवं विभिन्न विभागीय यूनियनों के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में 500 से अधिक कच्चे कर्मचारियों ने भाग लिया।
कन्वेंशन को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व महासचिव कृष्ण नैन ने कहा कि 23 व 31 दिसंबर 2025 को पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट तथा 16 अप्रैल 2026 को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसलों में सरकार को कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने के लिए नीति बनाने के निर्देश दिए थे। लेकिन सरकार आज तक उन फैसलों को लागू करने की दिशा में कोई गंभीर पहल नहीं कर रही, जो न्यायपालिका के आदेशों की खुली अवमानना है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के एचकेआरएन सहित लगभग 2.25 लाख कच्चे कर्मचारी पिछले 10-15 वर्षों से विभिन्न सरकारी विभागों में बेहद कम वेतन पर कार्य कर रहे हैं। इन कर्मचारियों से स्थायी कर्मचारियों की तरह पूरा काम लिया जाता है, लेकिन उन्हें न समान वेतन मिलता है और न ही सामाजिक सुरक्षा, मेडिकल सुविधा, पेंशन, प्रमोशन या नौकरी की गारंटी। लगातार असुरक्षा और शोषण के माहौल में काम करने को मजबूर कच्चे कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी और गुस्सा पनप रहा है।
शास्त्री ने कहा कि हरियाणा सरकार एक तरफ युवाओं को रोजगार देने के बड़े-बड़े झूठे दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ वर्षों से सरकारी विभागों को चलाने वाले कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने से बच रही है। सरकार की यह नीति कर्मचारी विरोधी और अन्यायपूर्ण है। अदालतों के स्पष्ट फैसलों के बावजूद नियमितीकरण नीति लागू न करना सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने घोषणा की कि सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा अब कच्चे कर्मचारियों को नियमित करवाने की लड़ाई को पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन का रूप देगा। अगले दस दिन में सभी जिलों की विस्तृत बैठक करके स्थानीय स्तर पर संपर्क अभियान की रूपरेखा तैयार की जाएगी।इसके तहत 30 जून तक सभी विभागों में लगे कच्चे कर्मचारियों के बीच “जन पिटीशनर फार्म” पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा एवं विभागीय युनियनें अपने अपने मंत्री को प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन देंगे।इसके बाद 30 जुलाई को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर विशाल प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। यदि इसके बावजूद सरकार ने नियमितीकरण नीति लागू नहीं की तो प्रदेशभर में दर्जनों “जत्था टीम अभियान” चलाकर कर्मचारियों को संगठित किया जाएगा तथा
मुख्यमंत्री आवास पर बड़ा डेरा डालने का आंदोलन शुरू किया जाएगा। कन्वेंशन में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी 7 जून को कर्मचारी भवन रोहतक में किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, युवाओं एवं महिलाओं का संयुक्त कन्वेंशन आयोजित किया जाएगा। इस कन्वेंशन में हरियाणा एग्रो, डिस्कॉम के निजीकरण और स्मार्ट मीटरों के दुष्परिणामों पर विस्तृत चर्चा कर, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग के साथ बड़े जनआंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने यह भी घोषणा की कि वह प्रदेश के विभिन्न विभागों के कच्चों को पक्का करवाने व अन्य मांगों के आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी करेगा। इसके तहत 20 मई को ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर्स यूनियन द्वारा बिजली मंत्री के आवास पर होने वाले राज्य स्तरीय प्रदर्शन, 24 मई को हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन द्वारा परिवहन मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन तथा 9 जून को हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ द्वारा शिक्षा निदेशालय पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी भाग लेंगे।
कन्वेंशन में उपस्थित नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार ने सामाजिक न्याय नहीं किया, कर्मचारियों को पक्का नहीं किया,अदालतों के फैसलों का सम्मान करते हुए जल्द नियमितीकरण नीति लागू नहीं की तो प्रदेशभर के कच्चे कर्मचारी सड़क से लेकर सचिवालय तक संघर्ष तेज करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।
कन्वेंशन को अन्य के इलावा सर्व कर्मचारी संघ के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान जरनैल सिंह, कोषाध्यक्ष सुरेंदर यादव,प्रेस सचिव गुलशन भारद्वाज, मुकेश खरब, उप महासचिव संदीप सांगवान, जयवीर चहल, शिवचरण,आदि ने भी सम्बोधित किया ।
