मुनेश त्यागी की कविता – हम संघर्ष करेंगे आ साथी 

 

कविता

हम संघर्ष करेंगे आ साथी

मुनेश त्यागी

 

होंठ सिलें या कलम छिने, गम मत करना

सिर फूटे या माथा टूटे, गम मत करना

संघर्ष करेंगे, संघर्ष करेंगे,

संघर्ष करेंगे आ साथी।

 

जेल मिले या गोली खाएं, गम मत करना

अंधेरा हो या बिजली गिरे, गम मत करना

संघर्ष करेंगे, संघर्ष करेंगे,

संघर्ष करेंगे आ साथी।

 

दूर दूर तक हो वीराना, गम मत करना

खेत फुकें या घर जलें, गम मत करना

संघर्ष करेंगे, संघर्ष करेंगे,

संघर्ष करेंगे आ साथी।

 

ना पीछे हटेंगे, ना रणछोड़ बनेंगे, ओ साथी

हम साथ चले थे, साथ चलेंगे, ओ साथी

संघर्ष करेंगे, संघर्ष करेंगे,

संघर्ष करेंगे आ साथी।

 

कदम मिला ले, हाथ बढ़ा ले, योग मिला ले

ताल मिला ले, थाप लगा ले, नक्षत्र मिला ले

संघर्ष करेंगे, संघर्ष करेंगे,

संघर्ष करेंगे आ साथी।

 

बिना लड़े यहां कुछ ना मिला है,

बिना लड़े यहां कुछ ना मिलेगा,

संघर्ष को ही अपनी राह बना ले,

संघर्ष करेंगे संघर्ष करेंगे।

संघर्ष करेंगे आ साथी।

 

छात्र नौजवान यहां सबको मिला ले

मजदूर किसान यहां सबको मिला ले

किसान मजदूर की सरकार बना ले

संघर्ष करेंगे संघर्ष करेंगे

संघर्ष करेंगे या साथी

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